सरगुजा जिले के लखनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। आकाशीय बिजली गिरने से घायल तीन लोगों को इलाज के लिए अस्पताल लाया गया, लेकिन परिजनों का आरोप है कि उस समय ड्यूटी डॉक्टर मौजूद नहीं थे और एक ही स्टाफ नर्स के भरोसे मरीजों की देखभाल चल रही थी।
गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचे मरीजों को करीब आधे घंटे तक डॉक्टर का इंतजार करना पड़ा। मामला लखनपुर क्षेत्र के ग्राम केंवरी का है। बताया जा रहा है कि एक घर में तीन लोग काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक मौसम बदला और तेज गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हो गई। इसी बीच घर के अंदर आकाशीय बिजली गिर गई, जिसकी चपेट में आकर तीनों लोग घायल हो गए।
108 एंबुलेंस नहीं मिली, निजी वाहन से पहुंचे अस्पताल
घटना के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए परिजनों ने 108 संजीवनी एंबुलेंस से संपर्क किया। परिजनों के मुताबिक, उन्हें तत्काल एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने की जानकारी दी गई और बताया गया कि अंबिकापुर से एंबुलेंस आने वाली है। आपात स्थिति को देखते हुए परिजनों ने इंतजार करने के बजाय निजी वाहन की व्यवस्था की और तीनों घायलों को लखनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।

अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टर नहीं थे मौजूद
परिजनों का कहना है कि जब तीनों घायल अस्पताल पहुंचे, तब उनकी हालत गंभीर थी और वे बेहोशी की स्थिति में थे। लेकिन उस समय मौके पर ड्यूटी डॉक्टर मौजूद नहीं थे। अस्पताल में मौजूद एक स्टाफ नर्स ही तीनों मरीजों की देखभाल कर रही थी। बताया गया कि करीब आधे घंटे बाद ड्यूटी डॉक्टर अस्पताल पहुंचे, जिसके बाद घायलों का उपचार शुरू हो सका। राहत की बात यह है कि उपचार के बाद तीनों की हालत स्थिर बताई जा रही है और वे खतरे से बाहर हैं।
बीएमओ ने अस्पताल की व्यवस्था का किया बचाव
मामले में लखनपुर बीएमओ डॉ. ओपी प्रसाद ने अस्पताल की व्यवस्था का बचाव करते हुए कहा कि ओपीडी के दौरान सभी डॉक्टर मौजूद रहते हैं और आपातकालीन स्थिति में भी डॉक्टर उपलब्ध रहते हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी समय कोई डॉक्टर मौके पर नहीं मिलता है तो दूसरे डॉक्टर मरीजों का उपचार कर लेते हैं। 108 एंबुलेंस को लेकर उन्होंने कहा कि अस्पताल के पास सुविधा उपलब्ध है, लेकिन संभव है कि उस समय एंबुलेंस किसी अन्य स्थान पर गई हो।
एक नर्स के भरोसे आपात व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने लखनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की आपातकालीन स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मरीजों के परिजनों के अनुसार, जिस वक्त एक साथ तीन घायल मरीज अस्पताल पहुंचे, उस समय पर्याप्त नर्सिंग स्टाफ भी मौजूद नहीं था। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अगर किसी आपात स्थिति में एक साथ कई गंभीर मरीज पहुंचते हैं तो क्या एक नर्स के भरोसे उनका तत्काल इलाज संभव है।
सीएमएचओ ने जांच और कार्रवाई की कही बात
मामले को गंभीरता से लेते हुए सरगुजा सीएमएचओ डॉ. पीएस मार्को ने पूरे प्रकरण की जांच कराने और जांच के आधार पर कार्रवाई करने की बात कही है। जांच में यह स्पष्ट होगा कि घटना के समय अस्पताल में ड्यूटी पर कौन-कौन से कर्मचारी मौजूद थे, डॉक्टर की अनुपस्थिति की वास्तविक वजह क्या थी और 108 एंबुलेंस की सुविधा तत्काल क्यों उपलब्ध नहीं हो सकी।