Aadhaar Face Authentication: आधार से जुड़ी पहचान प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए UIDAI ने फेस ऑथेंटिकेशन से जुड़ी दो नई सुविधाएं लॉन्च की हैं। इनके जरिए बैंक, इंश्योरेंस, ब्रोकिंग और दूसरे डिजिटल ऐप अपने ही प्लेटफॉर्म पर Aadhaar Face Authentication की सुविधा जोड़ सकेंगे।
UIDAI ने बुधवार को Global Fintech Fest 2026 में Aadhaar Face Authentication SDK और Aadhaar Face Authentication Sandbox लॉन्च किया। इन सुविधाओं का मकसद संस्थाओं को अपने मोबाइल ऐप में आधार आधारित फेस वेरिफिकेशन उपलब्ध कराने में मदद करना है।
अब ऐप बदलने की परेशानी होगी कम
मान लीजिए कोई व्यक्ति बैंक या इंश्योरेंस ऐप पर नया अकाउंट खोल रहा है और पहचान के लिए आधार फेस वेरिफिकेशन जरूरी है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद यूजर उसी ऐप के भीतर अपना फेस ऑथेंटिकेशन पूरा कर सकेगा। उसे वेरिफिकेशन के लिए अलग ऐप खोलने की जरूरत नहीं होगी।
बैंक और फिनटेक कंपनियों को भी मिलेगा फायदा
Aadhaar Face Authentication SDK की मदद से बैंक, इंश्योरेंस कंपनियां, फिनटेक और ब्रोकिंग जैसी संस्थाएं अपने मोबाइल ऐप में फेस ऑथेंटिकेशन को इंटीग्रेट कर सकेंगी। इससे डिजिटल KYC और पहचान से जुड़ी प्रक्रियाओं को ज्यादा सहज बनाया जा सकता है।पहले FaceRD ऐप का करना पड़ता था इस्तेमाल
मौजूदा व्यवस्था में आधार फेस ऑथेंटिकेशन के लिए कई मामलों में FaceRD ऐप की जरूरत पड़ती थी। इसका मतलब था कि यूजर को जिस ऐप पर वह KYC या अकाउंट खोलने की प्रक्रिया कर रहा है, वहां से दूसरे ऐप पर जाना पड़ता था। नई सुविधा इसी अतिरिक्त चरण को कम करने की कोशिश है।
Sandbox से पहले ही की जा सकेगी टेस्टिंग
UIDAI ने Aadhaar Face Authentication Sandbox भी लॉन्च किया है, जिसकी मदद से बैंक, इंश्योरेंस कंपनियां, फिनटेक और दूसरी संस्थाएं अपने ऐप में फेस ऑथेंटिकेशन सुविधा लागू करने से पहले उसकी अच्छी तरह टेस्टिंग कर सकेंगी। यह एक सुरक्षित टेस्टिंग प्लेटफॉर्म के तौर पर काम करेगा, जहां कंपनियां वास्तविक सिस्टम में सेवा शुरू करने से पहले अलग-अलग चरणों की जांच कर पाएंगी।

