Adani Green Q2 Results: कंपनी ने इस तिमाही में 673 करोड़ रुपए का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। पिछले साल की समान तिमाही में यह आंकड़ा 583 करोड़ रुपए था। इस तरह कंपनी के शुद्ध मुनाफे में सालाना आधार पर 15.43 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। कंपनी की आय में भी अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले अदाणी ग्रीन एनर्जी का ऑपरेशंस से होने वाला रेवेन्यू 39.11 प्रतिशत बढ़कर 4,520 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन में इस सुधार के पीछे बिजली आपूर्ति से होने वाली आय में बढ़ोतरी की अहम भूमिका रही।
नतीजों के बाद शेयर में गिरावट
अदाणी ग्रीन एनर्जी के वित्तीय नतीजों के बीच 21 अक्टूबर को कंपनी के शेयर में गिरावट देखने को मिली। शेयर करीब 3 प्रतिशत तक फिसलकर 1,258 रुपए के स्तर पर बंद हुआ। इससे पिछले कारोबारी सत्र में शेयर का क्लोजिंग भाव 1,300 रुपए था।
बिजली आपूर्ति से होने वाला रेवेन्यू 45% बढ़ा
वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में कंपनी का बिजली आपूर्ति से होने वाला राजस्व 45 प्रतिशत बढ़कर 4,019 करोड़ रुपए हो गया। पिछले साल की इसी अवधि में यह 2,776 करोड़ रुपए था। आंकड़े बताते हैं कि कंपनी के रिन्यूएबल एनर्जी पोर्टफोलियो से बिजली उत्पादन और आपूर्ति के कारोबार में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।EBITDA और मार्जिन में भी सुधार
अदाणी ग्रीन एनर्जी का बिजली आपूर्ति से EBITDA दूसरी तिमाही में 51 प्रतिशत बढ़कर 3,835 करोड़ रुपए हो गया। वहीं, EBITDA मार्जिन पिछले साल के 90.5 प्रतिशत से बढ़कर 92 प्रतिशत पर पहुंच गया। यह कंपनी के परिचालन प्रदर्शन में सुधार को दर्शाता है।
CEO आशीष खन्ना ने क्या कहा?
कंपनी के CEO आशीष खन्ना ने तिमाही नतीजों पर कहा कि अदाणी ग्रीन एनर्जी का ऑपरेशनल रिन्यूएबल एनर्जी पोर्टफोलियो सालाना आधार पर 24 प्रतिशत बढ़कर 20.8 गीगावाट हो गया है। इस दौरान ऊर्जा बिक्री में भी 32 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उनके मुताबिक, कंपनी के सोलर, विंड और हाइब्रिड एनर्जी एसेट्स के बेहतर परिचालन प्रदर्शन से कारोबार को मजबूती मिली है।खावड़ा में BESS क्षमता बढ़ाकर 6.63 GWh की
अदाणी ग्रीन एनर्जी ने गुजरात के खावड़ा में अपने चालू बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) की क्षमता बढ़ाकर 6.63 GWh कर दी है। कंपनी के CEO आशीष खन्ना ने इसे महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उनके अनुसार, इस विस्तार के साथ कंपनी भारत की सबसे बड़ी चालू BESS ऑपरेटर बन गई है और देश की कुल चालू बैटरी स्टोरेज क्षमता में उसका हिस्सा आधे से अधिक हो गया है।







