Amul Price Hike: दीपावली से पहले आम लोगों की जेब पर महंगाई का एक और बोझ बढ़ गया है, देश की प्रमुख डेयरी कंपनी अमूल ने अपने कुछ चुनिंदा उत्पादों की कीमतों में इजाफा किया है। कंपनी ने घी, गाय के घी और टेबल बटर के दाम बढ़ाने का फैसला लिया है। नई कीमतें 2 नवंबर से लागू हो गई हैं। ऐसे में त्योहारों के दौरान घी और मक्खन खरीदने वाले उपभोक्ताओं को अब पहले से ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे।
एक लीटर घी की कीमत में 50 रुपए की बढ़ोतरी
अमूल ब्रांड के तहत डेयरी उत्पादों की बिक्री करने वाली गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन लिमिटेड (GCMMF) ने घी की कीमत में बढ़ोतरी की है। कंपनी के मुताबिक, इनपुट लागत बढ़ने के चलते यह फैसला लिया गया है। अब अमूल के एक लीटर घी के पैक की कीमत 630 रुपए से बढ़कर 680 रुपए हो गई है। वहीं, गाय के घी के एक लीटर पैक के लिए ग्राहकों को अब 735 रुपए चुकाने होंगे, जबकि इसकी पुरानी कीमत 695 रुपए थी।
मक्खन खरीदना भी हुआ महंगा
घी के साथ अमूल ने अपने टेबल बटर की कीमतों में भी बदलाव किया है। 500 ग्राम वाले पैक की कीमत 310 रुपए से बढ़ाकर 325 रुपए कर दी गई है। वहीं, 100 ग्राम के पैक की कीमत 63 रुपए से बढ़कर 66 रुपए हो गई है। कंपनी ने इन सभी उत्पादों की संशोधित अधिकतम खुदरा कीमत (MRP) लागू कर दी है।
अमूल के उत्पादों की नई कीमतें
GCMMF की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, अमूल के घी और मक्खन के प्रमुख पैक की पुरानी और नई कीमतें इस प्रकार हैं:
- कीमतों में बढ़ोतरी
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उत्पाद |
कीमत में वृद्धि |
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घी 1 किलो |
₹50 |
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घी 500 ग्राम |
₹20 |
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मक्खन 100 ग्राम |
₹3 |
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मक्खन 500 ग्राम |
₹15 |
दूध उत्पादन की लागत बढ़ने का दिया हवाला
कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर GCMMF ने कहा है कि अमूल 36 लाख किसानों के स्वामित्व वाली सहकारी संस्था है। दूध उत्पादन की लागत में लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए घी और मक्खन की कीमतों में संशोधन किया गया है। कंपनी का कहना है कि किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।
देश की बड़ी डेयरी कंपनियों में शामिल है GCMMF
गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन देश की प्रमुख डेयरी सहकारी संस्थाओं में से एक है। वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का टर्नओवर 11.4 प्रतिशत बढ़कर 73,450 करोड़ रुपए पहुंच गया। इससे पिछले वित्त वर्ष में यह आंकड़ा 65,911 करोड़ रुपए था।
एक लाख करोड़ रुपए के पार पहुंचा अमूल ब्रांड का कारोबार
कंपनी के कारोबार में बढ़ोतरी के साथ अमूल ब्रांड का कुल टर्नओवर भी पिछले वित्त वर्ष में एक लाख करोड़ रुपए के आंकड़े को पार कर गया। हालांकि, GCMMF के कुल रेवेन्यू में 18 जिला सहकारी समितियों का कारोबार शामिल नहीं है।







