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Insurance and Social Security Schemes for Gig Workers  (Image Source: Social Media)
Insurance and Social Security Schemes for Gig Workers (Image Source: Social Media)
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Gig Workers: डिलीवरी बॉय और कैब ड्राइवरों को मिलेगा बीमा सुरक्षा का लाभ, जानें कब से लागू हो सकती है योजना

Gig Workers: देश के 1.2 करोड़ से अधिक Gig Workers के लिए केंद्र सरकार नई Social Security Scheme लाने की तैयारी कर रही है। इसके तहत डिलीवरी बॉय, कैब ड्राइवर और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को लाइफ इंश्योरेंस, एक्सीडेंट इंश्योरेंस, हेल्थ और मैटरनिटी बेनिफिट्स मिल सकते हैं।

रोशनी पटेल | कीर्तिमान डेस्क
प्रकाशित: 04 Nov 2026, 11:11 AM · 5 मिनट पढ़ने का समय
नई दिल्ली
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
Gig Workers: देश में तेजी से बढ़ती गिग इकॉनमी के बीच डिलीवरी बॉय, कैब ड्राइवर और अन्य प्लेटफॉर्म वर्कर्स को सामाजिक सुरक्षा देने की तैयारी तेज हो गई है। केंद्र सरकार इन कामगारों के लिए एक नई सोशल सिक्योरिटी स्कीम लाने पर विचार कर रही है। इसके तहत ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और एग्रीगेटर्स पर हर ट्रांजैक्शन के आधार पर 2 फीसदी लेवी लगाने का प्रस्ताव है।  
मामले से जुड़े इंडस्ट्री विशेषज्ञों के मुताबिक, सरकार एग्रीगेटर्स के कुल सालाना टर्नओवर के बजाय प्रत्येक ट्रांजैक्शन पर 2 फीसदी लेवी लगाने के विकल्प पर विचार कर रही है। इसके पीछे मकसद यह है कि किसी एक तरह के कारोबार पर दूसरे सेगमेंट का आर्थिक बोझ न पड़े और लेवी सीधे संबंधित बिजनेस से जुड़ी रहे।

गिग वर्कर्स को मिलेंगी कौन-कौन सी सुविधाएं 

प्रस्तावित योजना के तहत गिग वर्कर्स को कई तरह की सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं मिल सकती हैं। इसमें लाइफ इंश्योरेंस, दिव्यांगता बीमा, दुर्घटना बीमा, स्वास्थ्य सुविधाएं और मातृत्व लाभ को शामिल करने की तैयारी है। सूत्रों के मुताबिक, इस योजना के लिए एक अलग सोशल सिक्योरिटी फंड बनाया जाएगा, जिसमें एग्रीगेटर्स योगदान करेंगे। हालांकि, पेंशन, प्रोविडेंट फंड और बुढ़ापे में आर्थिक सहायता जैसी सुविधाओं को शुरुआती चरण में शामिल नहीं किया जा सकता। 

2027 में लागू हो सकती है योजना

एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के मुताबिक, प्रस्तावित सोशल सिक्योरिटी स्कीम लगभग तैयार है और इसे वर्ष 2027 में लागू किया जा सकता है। सरकार की कोशिश है कि गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को जल्द से जल्द सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलना शुरू हो। वहीं, इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का कहना है कि अलग-अलग डिजिटल प्लेटफॉर्म पर टर्नओवर की गणना का तरीका एक जैसा नहीं है। 

पांच साल में 55 फीसदी बढ़ी गिग वर्कर्स की संख्या

देश में गिग इकॉनमी का विस्तार कितनी तेजी से हो रहा है, इसका अंदाजा कामगारों की बढ़ती संख्या से लगाया जा सकता है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2020-21 में देश में गिग वर्कर्स की संख्या करीब 77 लाख थी। यह आंकड़ा 2025-26 में बढ़कर 1.2 करोड़ से अधिक हो गया है। यानी पांच साल में इस क्षेत्र में करीब 55 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है।  

2030 तक 2.35 करोड़ हो सकती है गिग वर्कर्स की संख्या

नीति आयोग के अनुमान के मुताबिक, वित्त वर्ष 2029-30 तक देश की कुल वर्कफोर्स में गिग वर्कर्स की हिस्सेदारी बढ़कर 6.7 फीसदी तक पहुंच सकती है। इस दौरान इनकी संख्या करीब 2.35 करोड़ होने का अनुमान है। 

सोशल सिक्योरिटी का लाभ लेने के लिए कितने दिन काम करना होगा 

सोशल सिक्योरिटी कोड, 2020 के प्रावधानों के अनुसार, गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ लेने के लिए निर्धारित अवधि तक काम करना जरूरी है। इसके तहत किसी एक एग्रीगेटर के साथ एक वित्त वर्ष में कम से कम 90 दिन काम करने वाले कामगार पात्र हो सकते हैं। 
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