Animal Fair: ग्राम पंचायत जोरातराई भीमखोज में आयोजित विकासखंड स्तरीय पशु मेला प्रतियोगिता एवं प्रदर्शनी में क्षेत्रभर के पशुपालकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मेले में विभिन्न नस्लों के पशु-पक्षियों की प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रही। प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले पशुपालकों को पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया। वहीं, पशुपालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 23 हितग्राहियों को 50 प्रतिशत अनुदान पर उन्नत नस्ल की गाय प्रदान की गई।
पशु-पक्षियों की विभिन्न श्रेणियों में हुई प्रतियोगिता
पशु मेले में दुधारू गाय, भैंस, उन्नत बछिया, बैल, बकरा-बकरी, मुर्गी, बतख और बटेर सहित विभिन्न श्रेणियों में प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। पशुओं की गुणवत्ता और प्रदर्शन के आधार पर मूल्यांकन किया गया। प्रतियोगिता में पशुपालकों ने अपने पशुओं के साथ भागीदारी निभाई। विभिन्न नस्लों के पशु-पक्षियों की मौजूदगी ने मेले को आकर्षक बनाया।
पशुपालन से बढ़ सकती है ग्रामीणों की आय
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जनपद पंचायत बागबाहरा के अध्यक्ष केशव नायकराम चंद्राकर ने कहा कि पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। उन्नत नस्ल के पशुओं को अपनाकर पशुपालक अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं। शासन की ओर से पशुपालकों के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से अनुदान और सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। पशुपालकों को इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने पशुओं की नियमित देखभाल, बेहतर पशुपालन पद्धतियों और आधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए भी प्रेरित किया।
वैज्ञानिक तरीके से पशुपालन अपनाने की अपील
23 हितग्राहियों को 50 प्रतिशत अनुदान पर गाय
कार्यक्रम के दौरान नीति आयोग, दिल्ली के अंतर्गत विकासखंड बागबाहरा के 23 हितग्राहियों को 50 प्रतिशत अनुदान पर उन्नत नस्ल की गाय प्रदान की गई। इस पहल का उद्देश्य पशुपालकों को उन्नत पशुपालन से जोड़ना, दुग्ध उत्पादन बढ़ाना और ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि करना है।
जनप्रतिनिधियों और पशु चिकित्सा विभाग की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में जनपद सदस्य बलराम ध्रुव, सरपंच भेखराम बघेल, खल्लारी के पूर्व सरपंच रामलाल सिन्हा, भीमखोज के पूर्व सरपंच प्रमोद चंद्राकर और उपसरपंच सुरेश पटेल उपस्थित रहे।
आयोजन में उप संचालक पशु चिकित्सा डॉ. अंजना नायडू, विकासखंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. आधार घृतलहरे, डॉ. आरजी यादव, डॉ. चौधरी सहित पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में क्षेत्र के पशुपालक मौजूद रहे।

