Arang News: त्योहारों का मौसम आते ही स्कूलों में रौनक अलग ही स्तर पर पहुंच जाती है। कुछ ऐसा ही नजारा रीवा स्थित गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल में देखने को मिला, जहां दीपावली का पावन पर्व बेहद हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया। शिक्षकों के मार्गदर्शन में आयोजित इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य बच्चों को अपनी संस्कृति से जोड़ना और उनकी छिपी हुई रचनात्मक प्रतिभा को बाहर लाना था। उत्सव की शुरुआत विभिन्न सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों से हुई। स्कूल परिसर में चारों तरफ बच्चों की कलाकारी साफ झलक रही थी। किसी कोने में रंग-बिरंगी रंगोली सज रही थी, तो कहीं बच्चे दीये सजाने में व्यस्त थे।
नन्हें कलाकारों ने बिखेरे रंग
दीपावली के इस खास मौके पर विद्यालय में कई तरह की प्रतियोगिताओं और प्रस्तुतियों का आयोजन किया गया:
- दीया और रंगोली मेकिंग: बच्चों ने अपनी कल्पनाओं के रंग बिखेरते हुए एक से बढ़कर एक मनमोहक रंगोलियां बनाईं और दीपों को सजाया।
- चित्रकला और पारंपरिक नृत्य: पेंटिंग के जरिए बच्चों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया, वहीं पारंपरिक परिधानों में सजे बच्चों द्वारा किया गया सुवा नृत्य और फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता आकर्षण का केंद्र रही।
- श्री राम के आगमन की जीवंत झांकी: कार्यक्रम का सबसे खास आकर्षण प्री-प्राइमरी के नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा दी गई श्री राम के आगमन की प्रस्तुति रही। इस छोटी सी प्रस्तुति ने पूरे स्कूल के वातावरण को पूरी तरह से भक्तिमय और सजीव बना दिया।
आपसी प्रेम और सद्भावना का संदेश
कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने दीपावली के असली मायने को समझा—कि कैसे यह पर्व प्रेम, भाईचारे, आपसी सहयोग और खुशियों को बांटने का जरिया है। उत्सव के अंत में सभी शिक्षकों और विद्यार्थियों ने एक-दूसरे को गले मिलकर दीपावली की शुभकामनाएं दीं और त्योहार की खुशियां साझा कीं। विद्यालय के शिक्षकों ने बच्चों की इस शानदार मेहनत और प्रतिभा की खुलकर तारीफ की। उन्होंने विद्यार्थियों को हमेशा अपनी भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़े रहने की प्रेरणा दी और आगे भी ऐसी गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने को कहा। कुल मिलाकर यह पूरा आयोजन बेहद आनंदमय और उत्साह से भरा रहा, जो बच्चों और शिक्षकों दोनों के चेहरों पर मुस्कान छोड़ गया।
रिपोर्ट - मोहनदास मानिकपुरी











