Archery World Cup Final: भारतीय तीरंदाजी के लिए एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। देश के स्टार रिकर्व तीरंदाज धीरज बोम्मादेवरा ने मैक्सिको के साल्टिलो में आयोजित विश्व कप फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ धीरज विश्व कप फाइनल में गोल्ड मेडल जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष रिकर्व तीरंदाज बन गए हैं।
25 वर्षीय धीरज, जो भारतीय सेना से जुड़े खिलाड़ी हैं और विश्व रैंकिंग में 10वें स्थान पर हैं, ने फाइनल मुकाबले में जापान के नाकानिशी जुन्या को कड़ी चुनौती के बाद हराया। पांच सेट तक चले इस रोमांचक मुकाबले में दोनों खिलाड़ियों का स्कोर 5-5 से बराबर रहा। इसके बाद मुकाबले का फैसला शूट-ऑफ से हुआ, जहां धीरज ने दबाव के बीच शानदार निशाना लगाते हुए 10-9 से जीत दर्ज कर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।
क्वार्टरफाइनल और सेमीफाइनल में भी दिखाया दम
धीरज बोम्मादेवरा ने फाइनल से पहले क्वार्टरफाइनल और सेमीफाइनल मुकाबलों में भी बेहतरीन प्रदर्शन किया था। सेमीफाइनल में उन्होंने विश्व नंबर 20 नाकानिशी जुन्या के खिलाफ बेहद करीबी मुकाबले में 6-5 से जीत हासिल कर फाइनल में जगह बनाई थी। उनकी सटीक निशानेबाजी और दबाव में बेहतर प्रदर्शन ने उन्हें इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का चैंपियन बना दिया। धीरज की इस ऐतिहासिक जीत ने विश्व कप फाइनल में भारतीय पुरुष रिकर्व तीरंदाजी के लंबे इंतजार को खत्म कर दिया है। इससे पहले भारत के लिए इस वर्ग में पदक जीतने वाले खिलाड़ी जयंता तालुकदार थे, जिन्होंने 2010 में एडिनबर्ग में आयोजित विश्व कप फाइनल में कांस्य पदक हासिल किया था।डोला बनर्जी के बाद दूसरा भारतीय गोल्ड विजेता
विश्व कप फाइनल में स्वर्ण पदक जीतने वाले धीरज बोम्मादेवरा दूसरे भारतीय तीरंदाज बन गए हैं। उनसे पहले डोला बनर्जी ने यह उपलब्धि हासिल की थी। उन्होंने 2007 में दुबई में आयोजित विश्व कप फाइनल में महिला व्यक्तिगत वर्ग का खिताब जीतकर भारत को गौरवान्वित किया था। धीरज बोम्मादेवरा की यह जीत भारतीय तीरंदाजी के लिए एक नए दौर की शुरुआत मानी जा रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे भारतीय तीरंदाजों के बीच धीरज की यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी।
