Umar Khalid: बेंगलुरु स्थित देश के प्रतिष्ठित नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (NLSIU) के कैंपस में इन दिनों सियासी और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के पूर्व छात्र उमर खालिद के जीवन और उनसे जुड़े विवादों पर बनी एक डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग को लेकर यहां माहौल गरमा गया। कार्यक्रम की भनक लगते ही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ता लामबंद हो गए और उन्होंने यूनिवर्सिटी प्रशासन व आयोजकों के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। कैंपस में बढ़ते तनाव और ABVP के सख्त रुख को देखते हुए NLSIU के छात्र संगठन को फिलहाल कदम पीछे खींचने पड़े हैं।
निर्णय डर या दबाव में आकर नहीं
छात्र समूह ने डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया है। हालांकि, स्थिति को संभालते हुए छात्र प्रतिनिधियों का कहना है कि उन्होंने यह निर्णय किसी संगठन के डर या प्रशासनिक दबाव में आकर नहीं लिया है, बल्कि कैंपस में शांति और सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। यह कोई पहला मौका नहीं है जब उमर खालिद से जुड़ा कोई कार्यक्रम विवादों के घेरे में आया हो।
पुरानी बहस को किया जिंदा
देश के प्रमुख विधि और मानविकी (Humanities) संस्थानों में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और विचारों की सीमा को लेकर अक्सर इस तरह का टकराव देखने को मिलता है। इस घटना ने एक बार फिर शिक्षा जगत और राजनीतिक हलकों में पुरानी बहस को जिंदा कर दिया है—एक तरफ जहां छात्र अपनी अभिव्यक्ति की आजादी का हवाला दे रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ विरोधी धड़ा इसे राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने की कोशिश करार दे रहा है।
परिसर की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
इस पूरे घटनाक्रम के बाद से NLSIU प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद हो गया है। किसी भी तरह की अनहोनी या कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने से रोकने के लिए विश्वविद्यालय परिसर और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। फिलहाल यूनिवर्सिटी में शांति है, लेकिन बैकग्राउंड में तनाव की गर्माहट साफ महसूस की जा सकती है।

