Asian Games: भारतीय हॉकी टीमें एशियाई खेलों में नए जोश के साथ उतरने के लिए तैयार हैं। पुरुष टीम विश्व कप की निराशा को पीछे छोड़कर स्वर्ण पदक जीतने के इरादे से मैदान में उतरेगी, वहीं महिला टीम भी खिताब अपने नाम कर सीधे लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 का टिकट हासिल करना चाहेगी। एशियाई खेलों में हॉकी का स्वर्ण पदक जीतने वाली दोनों भारतीय टीमों को ओलंपिक के लिए सीधा क्वालीफिकेशन मिलेगा। ऐसे में इस टूर्नामेंट का महत्व खिलाड़ियों और टीम प्रबंधन दोनों के लिए काफी बढ़ गया है। भारतीय पुरुष हॉकी टीम को हाल ही में नीदरलैंड और बेल्जियम में आयोजित एफआईएच विश्व कप में आठवें स्थान पर रहना पड़ा था।
अब टीम उस प्रदर्शन को पीछे छोड़कर एशियाई खेलों में अपनी बादशाहत कायम करने की कोशिश करेगी। दो बार की ओलंपिक कांस्य पदक विजेता भारतीय टीम को पूल ए में जगह मिली है। इस पूल में मेजबान जापान, दक्षिण कोरिया, बांग्लादेश, श्रीलंका और इंडोनेशिया शामिल हैं। भारत अपने अभियान की शुरुआत इंडोनेशिया के खिलाफ करेगा और शुरुआती मुकाबले में बड़ी जीत दर्ज कर आत्मविश्वास हासिल करना चाहेगा। विश्व रैंकिंग में भारत आठवें स्थान पर है, लेकिन एशियाई खेलों में वह सबसे ऊंची रैंकिंग वाली टीम है। यही वजह है कि उसे स्वर्ण पदक का प्रमुख दावेदार माना जा रहा है। हालांकि, टीम को विश्व कप में सामने आई कमजोरियों को दूर करना होगा।
पाकिस्तान के खिलाफ मजबूत रिकॉर्ड
भारतीय टीम का पाकिस्तान के खिलाफ हालिया रिकॉर्ड शानदार रहा है। साल 2016 के बाद से भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कोई मुकाबला नहीं गंवाया है। दोनों टीमों के बीच खेले गए पिछले 16 मैचों में भारत ने 14 मुकाबले जीते हैं। इसमें हांगझोऊ एशियाई खेलों में 10-2 और इस साल विश्व कप में 5-3 की जीत भी शामिल है। जापान और मलेशिया जैसी एशियाई टीमों के खिलाफ भी भारत का प्रदर्शन बेहतर रहा है। हालांकि, पूल चरण में जापान और दक्षिण कोरिया के खिलाफ होने वाले मुकाबले टीम की असली परीक्षा माने जा रहे हैं। अनुभवी खिलाड़ियों में कप्तान हरमनप्रीत सिंह, मनप्रीत सिंह, अमित रोहिदास और मनदीप सिंह जैसे खिलाड़ी शामिल हैं। इनके लिए यह संभवतः आखिरी एशियाई खेल हो सकते हैं, इसलिए वे स्वर्ण पदक के साथ अभियान को यादगार बनाना चाहेंगे। भारत 22 सितंबर को श्रीलंका, 24 सितंबर को दक्षिण कोरिया, 26 सितंबर को जापान और 28 सितंबर को बांग्लादेश के खिलाफ खेलेगा।महिला हॉकी टीम भी स्वर्ण के लक्ष्य के साथ तैयार
भारतीय महिला हॉकी टीम भी आत्मविश्वास से भरी हुई है। टीम ने हालिया विश्व कप में पांचवां स्थान हासिल किया था, जो पिछले 52 वर्षों में उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। एशियाई खेलों में भारतीय महिला टीम को पूल बी में रखा गया है। इस ग्रुप में उज्बेकिस्तान, इंडोनेशिया, थाईलैंड, जापान और सिंगापुर शामिल हैं। भारत अपने अभियान की शुरुआत उज्बेकिस्तान के खिलाफ करेगा। महिला वर्ग में चीन भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ी चुनौती माना जा रहा है। चीन विश्व रैंकिंग में चौथे स्थान पर है और पेरिस ओलंपिक में रजत पदक जीत चुका है।
हालांकि, भारतीय टीम विश्व कप में चीन के खिलाफ अपने अच्छे प्रदर्शन से प्रेरणा ले सकती है, जहां उसने मजबूत चीनी टीम को 2-2 की बराबरी पर रोका था। कप्तान सलीमा टेटे की अगुवाई में भारतीय महिला टीम हांगझोऊ एशियाई खेलों के कांस्य पदक से बेहतर प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीतने का लक्ष्य रखेगी। भारत ने महिला हॉकी में एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक आखिरी बार 1982 में जीता था। भारतीय महिला टीम उज्बेकिस्तान के बाद 21 सितंबर को इंडोनेशिया, 23 सितंबर को थाईलैंड, 25 सितंबर को जापान और 27 सितंबर को सिंगापुर के खिलाफ मुकाबले खेलेगी।
ओलंपिक क्वालीफिकेशन के लिए अहम टूर्नामेंट
एशियाई खेलों में भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमों के लिए केवल पदक ही नहीं, बल्कि ओलंपिक क्वालीफिकेशन भी दांव पर है। ऐसे में दोनों टीमें पूरे आत्मविश्वास और तैयारी के साथ मैदान पर उतरेंगी।

