Saturday, 03 Oct 2026 भारत
ब्रेकिंग
Leopard Attack: जंगल में लकड़ी लेने गए युवक पर तेंदुए का हमला, कुल्हाड़ी फेंककर बचाई जान Birkoni land dispute: पंचायत और दुकान संचालक आमने-सामने, ज़मीनी विवाद को लेकर भड़की हिंसा, जेसीबी से उखाड़ी फेंसिंग Bilaspur Crime: ग्रिल उखाड़ा, चाबी चुराई और 2 किमी दूर ले जाकर कार फूंकी, अमसेना में सनसनीखेज वारदात NEET UG 2026: बिलासपुर हाईकोर्ट में याचिका पर सुनवाई, एनटीए से दो हफ्ते में मांगा विस्तृत जवाब Bhopal Cyber Crime: 48 घंटे में 50 केस दर्ज, शेयर बाजार से लेकर मोबाइल अपडेट के नाम पर गंवाए लाखों Korea Road Accident: दशगात्र कार्यक्रम से लौट रही महिलाओं से भरा ऑटो पिकअप से टकराया, 3 की मौत, 12 घायल Leopard Attack: जंगल में लकड़ी लेने गए युवक पर तेंदुए का हमला, कुल्हाड़ी फेंककर बचाई जान Birkoni land dispute: पंचायत और दुकान संचालक आमने-सामने, ज़मीनी विवाद को लेकर भड़की हिंसा, जेसीबी से उखाड़ी फेंसिंग Bilaspur Crime: ग्रिल उखाड़ा, चाबी चुराई और 2 किमी दूर ले जाकर कार फूंकी, अमसेना में सनसनीखेज वारदात NEET UG 2026: बिलासपुर हाईकोर्ट में याचिका पर सुनवाई, एनटीए से दो हफ्ते में मांगा विस्तृत जवाब Bhopal Cyber Crime: 48 घंटे में 50 केस दर्ज, शेयर बाजार से लेकर मोबाइल अपडेट के नाम पर गंवाए लाखों Korea Road Accident: दशगात्र कार्यक्रम से लौट रही महिलाओं से भरा ऑटो पिकअप से टकराया, 3 की मौत, 12 घायल
W 𝕏 f
होम › राष्ट्रीय › सांसद-विधायकों के लंबित मामलों पर बड़ा खुलासा, 14…
मुख्यमंत्रियों के आपराधिक मामलों पर सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट
मुख्यमंत्रियों के आपराधिक मामलों पर सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट
राष्ट्रीय

सांसद-विधायकों के लंबित मामलों पर बड़ा खुलासा, 14 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के नाम भी सूची में शामिल

सुप्रीम कोर्ट में सांसदों-विधायकों के लंबित आपराधिक मामलों को लेकर पेश रिपोर्ट में अहम आंकड़े सामने आए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक 14 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामलों की जानकारी दी है। इनमें तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के खिलाफ सबसे अधिक 89 मामलों का उल्लेख किया गया है। साथ ही मौजूदा और पूर्व सांसदों-विधायकों के हजारों मामले अदालतों में लंबित होने की जानकारी भी दी गई है।

ल
प्रकाशित: 18 Aug 2026, 03:58 PM · अपडेट: 03 Oct 2026, 07:31 AM
नई दिल्ली
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
सांसदों और विधायकों के खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों की सुनवाई में तेजी लाने से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट के सामने अहम आंकड़े रखे गए हैं। एमिकस क्यूरी और वरिष्ठ अधिवक्ता विजय हंसारिया की रिपोर्ट के मुताबिक, देश के 28 राज्यों में से 14 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले होने की जानकारी दी है। रिपोर्ट में तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के खिलाफ सबसे अधिक 89 मामलों का उल्लेख किया गया है।
हालांकि, किसी नेता के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज या लंबित होना अपने आप में दोषसिद्धि नहीं है। अदालत का अंतिम फैसला आने तक आरोपों और दोषसिद्धि के बीच अंतर करना जरूरी है।

रेवंत रेड्डी के खिलाफ 89 मामलों का जिक्र

सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पेश जानकारी के अनुसार, तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के खिलाफ 89 मामले बताए गए हैं। रिपोर्ट में इसके बाद पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के खिलाफ 29 मामलों का उल्लेख है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के खिलाफ 19-19 मामले बताए गए हैं। केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन के खिलाफ 18 मामलों का जिक्र किया गया है।

अन्य मुख्यमंत्रियों के मामलों का भी जिक्र

रिपोर्ट के मुताबिक झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ पांच, महाराष्ट्र के देवेंद्र फडणवीस और हिमाचल प्रदेश के सुखविंदर सिंह सुक्खू के खिलाफ चार-चार मामलों का उल्लेख किया गया है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ दो-दो मामले बताए गए हैं। इसके अलावा सिक्किम के मुख्यमंत्री पी.एस. तमांग, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के खिलाफ एक-एक मामले का जिक्र रिपोर्ट में किया गया है।

सांसदों-विधायकों के हजारों मामले लंबित

96 पन्नों की रिपोर्ट में सांसदों और विधायकों से जुड़े मामलों की स्थिति का भी विवरण दिया गया है। इसमें बताया गया है कि जुलाई 2026 तक मौजूदा और पूर्व सांसदों-विधायकों के खिलाफ 4,192 आपराधिक मामले सुनवाई के लिए लंबित थे। इनमें उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 1,171 मामले लंबित बताए गए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार लोकसभा के 543 सदस्यों में से 170 सांसदों के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले लंबित हैं। यह संख्या कुल लोकसभा सदस्यों का करीब 31 प्रतिशत है। वहीं राज्यसभा के 233 सदस्यों में 75 के खिलाफ आपराधिक मामले होने की जानकारी दी गई है। इनमें 40 सदस्यों से जुड़े मामले गंभीर अपराध की श्रेणी में बताए गए हैं।

बंगाल में गंभीर मामलों वाले विधायकों का प्रतिशत अधिक

रिपोर्ट में राज्यों की विधानसभाओं से जुड़े आंकड़े भी पेश किए गए हैं। इसके मुताबिक पश्चिम बंगाल में गंभीर आपराधिक मामलों वाले विधायकों का अनुपात सबसे अधिक बताया गया है। वहां 292 विधायकों में से 170 यानी करीब 58 प्रतिशत के खिलाफ गंभीर मामले लंबित होने की बात कही गई है। इसके बाद केरल में 57 प्रतिशत, आंध्र प्रदेश में 56 प्रतिशत, तेलंगाना में 49 प्रतिशत, झारखंड और ओडिशा में 45-45 प्रतिशत, बिहार में 42 प्रतिशत और महाराष्ट्र में 40 प्रतिशत विधायकों के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामलों का उल्लेख किया गया है।

विशेष अदालतों में सुनवाई की मांग

एमिकस क्यूरी ने सुप्रीम कोर्ट से मौजूदा और पूर्व सांसदों-विधायकों के खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों की सुनवाई में तेजी लाने के लिए विशेष अदालतें निर्धारित करने का अनुरोध किया है। साथ ही संबंधित हाई कोर्ट को इन मुकदमों की प्रगति की नियमित निगरानी करने का निर्देश देने की मांग की गई है। इस रिपोर्ट के बाद जनप्रतिनिधियों से जुड़े लंबित मामलों और उनकी सुनवाई की रफ्तार का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के आगे के रुख पर निगाहें रहेंगी।
क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
इस लेख में कोई त्रुटि दिखी? सुधार का अनुरोध करें
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
छत्तीसगढ़ ▾
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग ▾
दुर्ग संभाग ▾
बिलासपुर संभाग ▾
सरगुजा संभाग ▾
बस्तर संभाग ▾
देश ▾
विदेश
सरकारी सूचना ▾
राजनीति ▾
खेल ▾
मनोरंजन ▾
कारोबार ▾
कीर्तिमान विशेष ▾
तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
अभी कोई रील उपलब्ध नहीं है
टिप्पणियाँ
शेयर करें
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें