देश की सबसे बड़ी कंपनियों में शामिल रिलायंस इंडस्ट्रीज अब अपने कंज्यूमर प्रोडक्ट्स कारोबार को तेजी से विस्तार देने में जुटी है। कंपनी के लिए एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। रिलायंस का FMCG बिजनेस पहली बार EBITDA के स्तर पर पॉजिटिव हो गया है। इसका मतलब है कि इस कारोबार की कमाई अब उसकी परिचालन लागत के
रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (RCPL) के तहत चल रहे इस कारोबार को कंपनी भविष्य के बड़े ग्रोथ इंजन के तौर पर देख रही है। हालांकि, फिलहाल कंपनी का पूरा ध्यान ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों तक पहुंच बनाने और बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने पर है।
मार्केट शेयर बढ़ाने पर कंपनी का फोकस
RCPL के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर केतन मोदी ने कंपनी के तिमाही नतीजों के बाद एनालिस्ट्स के साथ बातचीत में बताया कि कारोबार ने EBITDA स्तर पर ब्रेक-ईवन हासिल कर लिया है। उन्होंने कहा कि कंपनी अभी मुनाफे से ज्यादा अपने नेटवर्क को मजबूत करने और मार्केट शेयर बढ़ाने पर ध्यान दे रही है। उन्होंने बताया कि जैसे-जैसे कंपनी की सप्लाई चेन पूरी तरह तैयार होगी और बिक्री का दायरा बढ़ेगा, वैसे-वैसे EBITDA में भी सुधार देखने को मिलेगा।
कैम्पा कोला समेत कई ब्रांड पर दांव
रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड के पोर्टफोलियो में कैम्पा कोला सहित कई प्रमुख ब्रांड शामिल हैं। कंपनी लगातार अपने प्रोडक्ट्स की पहुंच बढ़ाने और नए बाजारों में विस्तार की रणनीति पर काम कर रही है। दिसंबर में डीमर्जर के बाद मार्च 2026 तक के चार महीनों में कंपनी को 125 करोड़ रुपये का नेट लॉस हुआ था। वहीं जून तिमाही में कंपनी का ग्रॉस रेवेन्यू दोगुने से ज्यादा बढ़कर करीब 8,600 करोड़ रुपये पहुंच गया। हालांकि कंपनी ने इस अवधि के लिए EBITDA और नेट प्रॉफिट के आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए हैं।
2030 तक 1 लाख करोड़ रुपये के कारोबार का लक्ष्य
रिलायंस कंज्यूमर का लक्ष्य आने वाले वर्षों में FMCG सेक्टर में बड़ी हिस्सेदारी हासिल करना है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2030 तक इस कारोबार को 1 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। केतन मोदी ने कहा कि कंपनी सभी कैटेगरी में नेतृत्व हासिल करने की दिशा में काम कर रही है। इसके लिए रिलायंस सप्लाई चेन और मैन्युफैक्चरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में करीब 30,000 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है। इसमें से लगभग 10,000 करोड़ रुपये का निवेश पहले ही किया जा चुका है।