अधिकारियों ने खुद मकान बनवाने का दिलाया भरोसा
पीड़ित परिवारों से व्यक्तिगत मुलाकात
पूरी राशि अपने पास जमा कराने के बाद ग्रामीणों को बस 500-500 रुपये थमाकर घर वापस भेज दिया गया। एक साल से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन जमीन पर निर्माण कार्य शुरू तक नहीं हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए विधायक विक्रम मंडावी ग्रामीणों को लेकर जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) नम्रता चौबे के पास पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।7 सदस्यीय जांच दल का गठन
नक्सल प्रभावित क्षेत्र में विकास के नाम पर डाका" – विक्रम मंडावी
निरीक्षण के बाद जांच दल के संयोजक व विधायक विक्रम मंडावी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा:
"हर गरीब परिवार का सपना होता है कि उसका अपना एक पक्का छत हो। लेकिन बोड़गा में मौका-मुआयना करने के बाद यह साफ हो गया है कि यहां गरीबों के हक पर सीधा डाका डाला गया है। सचिव और सरपंच ने मिलकर 124 से ज्यादा परिवारों के पैसे हड़प लिए हैं। यह इलाका लंबे समय तक घोर नक्सल प्रभावित रहा है। वर्षों के इंतजार के बाद पहली बार यहां शासकीय योजनाएं पहुंच रही थीं, लेकिन अधिकारियों की नीयत ने गरीबों का भरोसा तोड़ दिया। यदि ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई नहीं होती, तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण होगा।"
निरीक्षण के दौरान विधायक के साथ ग्रामीण उपस्थित
मंडावी ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपी सचिव और सरपंच पर सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए और गरीबों को उनकी पूरी राशि दिलाकर न्याय दिया जाए। गांव में निरीक्षण के दौरान विधायक मंडावी के साथ जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष लालू राठौर, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शंकर कुड़ियम, जिला पंचायत सदस्य नीना रावतिया उद्दे, पूर्व सदस्य बसंत राव ताटी, लच्छू राम मौर्य, नीलो लेकाम, सहदेव नेगी, विधायक प्रतिनिधि जगदेव यादव, पुरुषोत्तम सल्लूर, गुड्डू कोरसा और बाबूलाल राठी सहित भारी संख्या में ग्रामीण व प्रभावित परिवार उपस्थित रहे।

