Bilaspur Crime: कोटा क्षेत्र में लूट की दो वारदातों को अंजाम देने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ उस समय हो गया, जब लूट के सामान के बंटवारे को लेकर बदमाश आपस में ही भिड़ गए। कोटा पेट्रोल पंप के पास हुई मारपीट के बाद एक घायल युवक शिकायत लेकर थाने पहुंचा। पुलिस ने जब उससे पूछताछ की तो जुलाई में हुई लूट की दो वारदातों की कड़ियां जुड़ती चली गईं। पुलिस ने मामले में गिरोह के मास्टरमाइंड समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
आरोपियों के कब्जे से लूटे गए सोने के जेवरात, वारदात में इस्तेमाल हथियार, एक कार, एक बाइक और छह मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। एएसपी ग्रामीण मधुलिका सिंह के मुताबिक, 8 जुलाई को बेलगहना रेलवे स्टेशन से एक रेलवे कर्मचारी करीब 7,430 रुपए का कलेक्शन लेकर जा रहा था। इसी दौरान सलका डैम मोड़ के पास आरोपियों ने उसे धक्का देकर गिराया और उसका बैग लेकर फरार हो गए।
बुर्का पहनकर घर में घुसे बदमाश
इसके बाद 18 जुलाई को गिरोह ने दूसरी वारदात को अंजाम दिया। आरोपियों ने बुर्का पहनकर राजकुमारी जायसवाल के घर में प्रवेश किया। वहां उन्होंने मारपीट की और हथियार का डर दिखाकर करीब 50 हजार रुपए के सोने के जेवर लूट लिए। दोनों घटनाओं के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर संदिग्धों पर नजर रखनी शुरू कर दी थी। साथ ही मुखबिरों को भी सक्रिय किया गया था। हालांकि, आरोपियों तक पहुंचने से पहले ही उनके आपसी विवाद ने पुलिस के लिए रास्ता आसान कर दिया।पेट्रोल पंप के पास झगड़े से सामने आया पूरा मामला
करीब डेढ़ महीने बाद 2 सितंबर को कोटा पेट्रोल पंप के पास लूट के माल के बंटवारे को लेकर आरोपियों के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते मामला मारपीट तक पहुंच गया। इस दौरान घायल हुए एक युवक ने थाने पहुंचकर अपने साथ हुई मारपीट की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर पूछताछ शुरू की तो युवक से मिली जानकारी के बाद जुलाई में हुई दोनों लूट की वारदातों का खुलासा हो गया। इसके बाद पुलिस ने गिरोह से जुड़े छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और उनके पास से लूट का सामान व वारदात में इस्तेमाल संसाधन बरामद किए। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह से जुड़ी अन्य वारदातों और इसमें शामिल लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।

