पुलिस महकमे को शर्मसार करने वाला एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ 11वीं बटालियन में तैनात एक आरक्षक ने अपने ही साथी जवान का मोबाइल फोन चुराकर उसके बैंक खाते से करीब 4,88,000 रुपये साफ कर दिए। जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी आरक्षक को ऑनलाइन गेम खेलने की बुरी लत थी और उसने चोरी की पूरी रकम इसी लत में लुटा दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहाँ से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। मिली जानकारी के मुताबिक, बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के ग्राम चांदो निवासी सुधीर कुमार सिंह (41 वर्ष) जांजगीर स्थित 11वीं बटालियन में बतौर आरक्षक पदस्थ हैं।
खाते को देख उड़ गए होश
बीते 23 अप्रैल की रात उन्होंने बैरक में अपना वीवो (Y-21) फोन चार्जिंग पर लगाया था, जो संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गया। शुरुआत में तो लगा कि फोन कहीं मिसप्लेस हुआ है, लेकिन असली झटका तब लगा जब वे कुछ दिनों बाद बैंक पहुँचे। खाते से बड़ी रकम गायब देखकर उनके होश उड़ गए। बैंक स्टेटमेंट खंगालने पर पता चला कि 24 अप्रैल से 3 मई के बीच अलग-अलग ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के जरिए कुल 4,87,911 रुपये की चपत लगाई जा चुकी थी।
कड़ाई से पूछताछ में कबूला अपना गुनाह
पीड़ित आरक्षक ने तुरंत इसकी शिकायत साइबर थाने में दर्ज कराई। साइबर पुलिस ने जब मामले की परतें उधेड़नी शुरू कीं, तो बटालियन में ही पदस्थ आरक्षक सुनील कुमार यादव पर शक की सुई जा टिकी। घटना के बाद से सुनील लगातार बैरक से गायब चल रहा था। पुलिस ने घेराबंदी कर जब सुनील को हिरासत में लिया और कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया।ऑनलाइन गेम्स में उड़ाया पूरा पैसा
आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसने चोरी किए गए मोबाइल में मौजूद दस्तावेजों की मदद से एक नई यूपीआई (UPI) आईडी जनरेट की। इसके बाद पीड़ित के खाते से धीरे-धीरे पूरी रकम अपने मनपसंद ऑनलाइन गेम्स में उड़ा दी। मामले की पुष्टि करते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी आरक्षक सुनील कुमार यादव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की धारा 66-सी व 66-डी के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।