CG News: राजनांदगांव जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत पक्के मकान का सपना देख रहे पात्र हितग्राहियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। प्रशासन अब आवास निर्माण के लिए हितग्राहियों को मुफ्त में रेत उपलब्ध कराएगा। इस योजना के जरिए न केवल निर्माण कार्यों में तेजी आएगी, बल्कि गरीबों के अपने घर का सपना भी सुगमता से पूरा हो सकेगा।
शासन की 'ई-रेत संगवारी' व्यवस्था के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के पात्र हितग्राहियों को कुल पांच ट्रिप यानी 15 घन मीटर रेत निशुल्क दी जाएगी। प्रत्येक ट्रिप में तीन घन मीटर रेत उपलब्ध कराई जाएगी। रेत की मात्रा आवास निर्माण की भौतिक स्थिति और हितग्राही की वास्तविक जरूरत के आधार पर तय होगी।
ई-रेत संगवारी ऐप और पोर्टल से होगा पारदर्शी वितरण
हितग्राहियों तक रेत पहुंचाने की प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए शासन ने 'ई-रेत संगवारी' ऐप और पोर्टल की व्यवस्था की है। इसके संचालन के लिए जिला स्तर पर नोडल अधिकारी और जनपद पंचायत स्तर पर सहायक प्रोग्रामर को सहायक नोडल अधिकारी बनाया गया है, जनपद पंचायतों के तकनीकी सहायकों, ग्राम पंचायत सचिवों और ग्राम रोजगार सहायकों को ऐप एवं पोर्टल के इस्तेमाल का प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
रेत के अवैध उत्खनन पर भी लगेगी रोक
इससे प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को निर्माण के लिए समय पर रेत मिल सकेगी। साथ ही रेत के अवैध उत्खनन और अनधिकृत इस्तेमाल पर अंकुश लगाने में भी मदद मिलेगी। शासन की इस व्यवस्था से जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक राहत मिलने के साथ आवास निर्माण में तेजी आने की उम्मीद है।हर आवासहीन परिवार को पक्का मकान देने का लक्ष्य
चुनाव के दौरान सरकार ने प्रदेश के प्रत्येक आवासहीन परिवार को पक्का मकान उपलब्ध कराने का संकल्प लिया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार इस संकल्प को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उनके मुताबिक, सभी पात्र और जरूरतमंद परिवारों के पक्के मकान का सपना पूरा करने के लिए सरकार और संगठन लगातार प्रयास कर रहे हैं।
41,256 आवास बनाने का लक्ष्य, 35 हजार से अधिक पूरे
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत राजनांदगांव जिले में वित्तीय वर्ष 2024 से 2026 तक कुल 41 हजार 256 आवासों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। इनमें से 40 हजार 476 आवासों को प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है। अब तक 35 हजार 60 मकानों का निर्माण पूरा हो चुका है। इस तरह स्वीकृत आवासों में से 86.6 प्रतिशत का काम पूरा कर लिया गया है।







