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Mohan Bhagwat receives Acharya Vidyasagar Award 2026(Image Source: Social Media)
Mohan Bhagwat receives Acharya Vidyasagar Award 2026(Image Source: Social Media)
राजनांदगांव

Dongargarh News: मोहन भागवत को मिला, महाकवि आचार्य विद्यासागर अलंकरण 2026

Dongargarh News: RSS सरसंघचालक मोहन भागवत को राष्ट्र सेवा और राष्ट्र जागरण में योगदान के लिए वर्ष 2026 का महाकवि आचार्य विद्यासागर अलंकरण प्रदान किया गया।

अप्पू धीवर |  कीर्तिमान न्यूज
प्रकाशित: 29 Oct 2026, 12:01 PM · 3 मिनट पढ़ने का समय
डोंगरगढ़
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
Dongargarh News: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत को वर्ष 2026 के ‘महाकवि आचार्य विद्यासागर अलंकरण’ से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें राष्ट्रव्यापी सेवाओं और राष्ट्र जागरण के क्षेत्र में योगदान के लिए प्रदान किया गया। डोंगरगढ़ स्थित विद्यासागरोदय विद्यायतन समाधि स्मारक समिति की ओर से यह अलंकरण दिया जाता है। समिति के विनोद बडजात्या ने इस संबंध में जानकारी साझा की है। समिति के अनुसार, भोपाल में आयोजित समारोह में मोहन भागवत को यह सम्मान प्रदान किया गया। आचार्य विद्यासागर महाराज के विचारों, सेवा भावना और सामाजिक सरोकारों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से इस अलंकरण की शुरुआत वर्ष 2021 में की गई थी।

सेवा और समाजहित कार्यों में मिलता है सम्मान 

‘महाकवि आचार्य विद्यासागर अलंकरण’ की शुरुआत आचार्य विद्यासागर महाराज के 50वें आचार्य पदारोहण वर्ष 2021-22 के अवसर पर मध्य प्रदेश के जबलपुर में हुई थी। इस सम्मान के तहत चयनित व्यक्ति या संस्था को सोने-चांदी से निर्मित विशेष पदक, प्रशस्ति पत्र और एक लाख रुपये की नकद राशि प्रदान की जाती है। यह अलंकरण मानव सेवा, राष्ट्र सेवा, विश्व शांति, शाकाहार के प्रचार, जीवों की रक्षा और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वालों को दिया जाता है। और इसके माध्यम से समाज में सेवा, करुणा और अहिंसा के मूल्यों को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जाता है।
जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2021 में इस अलंकरण का पहला सम्मान उद्योगपति अशोक पाटनी को दिया गया था। उन्हें बाढ़ प्रभावित गरीब परिवारों के लिए मकान बनवाने, विधवा महिलाओं को पेंशन उपलब्ध कराने और जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा में सहयोग देने जैसे कार्यों के लिए चुना गया था। वर्ष 2022 में यह सम्मान लोकबिरादरी प्रकल्प के प्रणेता डॉ. प्रकाश आमटे को प्रदान किया गया। डॉ. प्रकाश आमटे और उनकी पत्नी डॉ. मंदाकिनी आमटे लंबे समय से आदिवासी समुदाय की सेवा और वन्यजीवों की देखभाल के कार्यों से जुड़े रहे हैं। वर्ष 2023 में पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में योगदान के लिए कैलाश मानव को इस अलंकरण से सम्मानित किया गया। वहीं, वर्ष 2024 में गोवंश संरक्षण और पशु सेवा के लिए कार्यरत दयोदय महासंघ, भोपाल को यह सम्मान मिला था। समिति के अनुसार, यह संस्था मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 100 से अधिक गौशालाओं का संचालन करती है। इन गौशालाओं के माध्यम से एक लाख से अधिक निराश्रित, घायल और बीमार पशुओं को बचाने का दावा किया गया है। उस वर्ष सम्मान समारोह रायपुर में आयोजित किया गया था। अब वर्ष 2026 के लिए मोहन भागवत को इस अलंकरण से सम्मानित किया गया है।

 महाराज विद्यासागर जी के विचारों को आगे बढ़ाने का प्रयास 

समिति की विज्ञप्ति के अनुसार, भोपाल में आयोजित सम्मान समारोह आचार्य समयसागर महाराज के आशीर्वाद, सानिध्य और मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में देश के विभिन्न हिस्सों से संतों, विद्वानों और गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति की जानकारी भी दी गई है। डोंगरगढ़ की विद्यासागरोदय विद्यायतन समाधि स्मारक समिति शिक्षा, साहित्य, सेवा और संस्कार के क्षेत्र में भी सक्रिय है। समिति का उद्देश्य इस अलंकरण के माध्यम से आचार्य विद्यासागर महाराज के अहिंसा, करुणा, संयम और ‘जियो और जीने दो’ के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है। मोहन भागवत को दिया गया यह सम्मान इसी पहल की कड़ी है, जिसके जरिए समाज और राष्ट्र के हित में किए जाने वाले कार्यों को पहचान देने का प्रयास।
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