Chhattisgarh electricity privatization: टाटा पावर के प्रस्ताव से गरमाई राजनीति, एकजुट हुए इंजीनियर, 12 को बड़ा फैसला
Chhattisgarh electricity privatization: बिजली वितरण व्यवस्था के संभावित निजीकरण और टाटा पावर के प्रस्ताव का विद्युत अभियंता संघ ने विरोध किया है। 12 सितंबर को रायपुर में CEC बैठक में आंदोलन की रणनीति तय होगी।
Chhattisgarh electricity privatization: बिजली वितरण व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपने की सुगबुगाहट और टाटा पावर के प्रस्ताव ने प्रदेश के विद्युत महकमे में हलचल तेज कर दी है। राज्य विद्युत अभियंता संघ ने इस कदम के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए आर-पार की लड़ाई की तैयारी शुरू कर दी है। बुधवार को हुई संघ की अहम बैठक में निजीकरण के संभावित खतरों और टाटा पावर के प्रस्ताव पर मंथन किया गया, जिसके बाद इंजीनियरों ने एकजुट होकर इसका विरोध करने का मन बना लिया है।
निजीकरण से सेवाओं पर पड़ेगा असर
बैठक के दौरान अभियंताओं ने स्पष्ट किया कि बिजली व्यवस्था का निजीकरण केवल कर्मचारियों के भविष्य के लिए ही नहीं, बल्कि आम उपभोक्ताओं की जेब के लिए भी बड़ा झटका साबित हो सकता है। निजी हाथों में व्यवस्था जाने से बिजली दरें बढ़ने और सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। तमाम सदस्यों ने एक स्वर में कहा कि इस फैसले का असर प्रदेश के हर नागरिक पर पड़ेगा।
बड़ा जन आंदोलन खड़ा करने की आवश्यकता
इसलिए अब सिर्फ विरोध प्रदर्शन तक सीमित न रहकर पूरे प्रदेश में एक बड़ा जन-आंदोलन खड़ा करने की आवश्यकता है। संघ के महासचिव इंजीनियर डॉ. मनोज वर्मा ने बताया कि निजीकरण के खिलाफ अंतिम रणनीति तैयार करने के लिए 12 सितंबर को रायपुर के डगनिया स्थित अभियंता संघ कार्यालय में मुख्य कार्यकारिणी समिति (CEC) की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर निर्णय लिया जाएगा:
टाटा पावर के प्रस्ताव की समीक्षा: कंपनी की ओर से आए प्रस्ताव के हर पहलू और इसके दूरगामी असर पर बारीकी से चर्चा होगी।
आंदोलन का खाका: प्रदेशभर में किस तरह से चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा, इसका पूरा रोडमैप तैयार किया जाएगा।
एकजुटता की अपील: संघ ने कार्यकारिणी के सभी सदस्यों को बैठक में अनिवार्य रूप से मौजूद रहने को कहा है ताकि सर्वसम्मति से कड़ा फैसला लिया जा सके।
संघ का साफ कहना है कि बिजली महकमे के कर्मचारी और अधिकारी इस मुद्दे पर किसी भी तरह का समझौता करने के मूड में नहीं हैं और आने वाले दिनों में यह विरोध और ज्यादा उग्र रूप ले सकता है।