Chhattisgarh Police Recruitment: खाली पदों पर दूसरी वेटिंग लिस्ट की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने डिप्टी सीएम का घर घेरा
Chhattisgarh Police Recruitment: छत्तीसगढ़ पुलिस भर्ती के रिक्त पदों को भरने और दूसरी वेटिंग लिस्ट जारी करने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का कवर्धा में प्रदर्शन चौथे दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा के आवास का घेराव किया। अभ्यर्थियों का दावा है कि भर्ती के करीब 1,940 पद अब भी खाली हैं। वहीं, विजय शर्मा ने कहा कि दूसरी वेटिंग लिस्ट पर अंतिम फैसला राज्य कैबिनेट को लेना है।
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कीर्तिमान न्यूज
24 Aug 2026, 12:52 PM
रायपुर
Chhattisgarh Police Recruitment: छत्तीसगढ़ के कवर्धा में पुलिस भर्ती प्रक्रिया को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। भर्ती प्रक्रिया में बचे हुए खाली पदों को भरने और दूसरी वेटिंग लिस्ट जारी करने की मांग पर अड़े अभ्यर्थी बीते चार दिनों से विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर राज्य के उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा के आवास का घेराव किया और बाहर ही डेरा डाल दिया। प्रदर्शन में शामिल अभ्यर्थियों का कहना है कि जिला रिजर्व पुलिस बल के तहत कुल 5,967 पदों के लिए भर्ती का विज्ञापन निकाला गया था। हालांकि, अभ्यर्थियों द्वारा सूचना का अधिकार (RTI) के माध्यम से जुटाई गई जानकारी के अनुसार, अब तक केवल 4,367 पदों पर ही नियुक्तियां हुई हैं।
धरने पर बैठ छात्राअभ्यर्थियों का दावा है कि:
वर्तमान में करीब 1,940 पद अब भी खाली पड़े हैं।
कई उम्मीदवारों का नाम एक से अधिक (यहाँ तक कि 8 से 9) जिलों की मेधा सूची में शामिल था।
इस वजह से कई सीटें खाली रह गईं, जिन्हें दूसरी प्रतीक्षा सूची (Waiting List) जारी कर तुरंत भरा जाना चाहिए ताकि बाकी योग्य उम्मीदवारों को मौका मिल सके।
मामले पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि पुलिस भर्ती की पहली चयन सूची और पहली वेटिंग लिस्ट पहले ही जारी की जा चुकी है। अब विषय दूसरी वेटिंग लिस्ट का है, जिस पर अंतिम निर्णय राज्य कैबिनेट को लेना है।
शासन स्तर पर इस मुद्दे को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और सरकार को पत्र लिखकर ध्यान आकर्षित कराया गया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस पूरे मामले की समीक्षा और समाधान के लिए एक विशेष टीम का गठन किया है।
उपमुख्यमंत्री ने अभ्यर्थियों को इस टीम से मुलाकात करने का आश्वासन दिया है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि इस आंदोलन को राजनीतिक मोड़ दिया जाता है, तो परिस्थितियां भिन्न हो सकती हैं।