CJP Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर को होने वाले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बड़े प्रदर्शन से ठीक पहले पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को हिरासत में ले लिया है। पुलिसिया कार्रवाई के तहत अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास समेत कई प्रमुख नेताओं को गिरफ्तार या डिटेन किया गया है। नेता को हिरासत में लिए जाने के तुरंत बाद अभिजीत दीपके का एक प्री-रिकॉर्डेड वीडियो सामने आया, जिससे राजनीतिक हलचलों में नया मोड़ आ गया है। इस वीडियो में दीपके ने बताया कि उन्हें पहले से ही पुलिस कार्रवाई का अंदेशा था, इसलिए उन्होंने शुक्रवार रात को ही यह संदेश रिकॉर्ड कर लिया था। उन्होंने समर्थकों से अपील की है कि उनकी अनुपस्थिति में अजिंक्य शिंदे इस पूरे आंदोलन और प्रदर्शन की कमान संभालेंगे और सभी कार्यकर्ता शिंदे के नेतृत्व में ही विरोध जारी रखें।
केंद्र सरकार पर सीधा हमला
जारी किए गए वीडियो में दीपके ने केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि देश में आज जैसे हालात हैं, वैसे तो आपातकाल के दौरान इंदिरा गांधी के समय में भी नहीं देखे गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष और प्रदर्शनकारियों की आवाज को पूरी तरह दबा रही है और उन्हें अपनी बात तक रखने का मौका नहीं दिया जा रहा। दूसरी ओर, कॉकरोच जनता पार्टी ने आधिकारिक प्रेस रिलीज जारी कर साफ कर दिया है कि पुलिसिया कार्रवाई के बावजूद वे अपने रुख से पीछे हटने वाले नहीं हैं। पार्टी का कहना है कि ज्ञानेश के इस्तीफे की मांग को लेकर उनका यह आंदोलन जारी रहेगा।
कौन हैं आंदोलन की कमान संभालने वाले अजिंक्य शिंदे?
महाराष्ट्र के लातूर के रहने वाले 35 वर्षीय अजिंक्य शिंदे एक पढ़े-लिखे युवा नेता हैं। उन्होंने डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (लोणेरे) से बीटेक (B.Tech) की डिग्री हासिल की है। राजनीति में उनकी सक्रियता को देखते हुए कॉकरोच जनता पार्टी ने अगस्त 2026 में ही उन्हें राष्ट्रीय संगठन प्रभारी का अहम पद सौंपा था।
पुराना राजनीतिक सफर और विवाद
शिंदे का राजनीतिक अनुभव केवल नई पार्टी तक सीमित नहीं है। वह इससे पहले आम आदमी पार्टी (AAP) से लंबे समय तक जुड़े रहे हैं और महाराष्ट्र में AAP की युवा इकाई में सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं। इस दौरान उन्होंने कई वरिष्ठ नेताओं के साथ काम किया है। हालांकि, उनके इस नए नेतृत्व के सामने आते ही सोशल मीडिया पर उनके पुराने राजनीतिक संबंधों और दावों को लेकर चर्चाएं भी तेज हो गई हैं।







