कांकेर से मलेरिया प्रभावित और अति-संवेदनशील गांवों की स्थिति का जायजा लेने के लिए जिला प्रशासन की टीम ने जोखिम भरा सफर तय किया। कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक (एसपी) और जिला पंचायत सीईओ ने उफनती कोटरी नदी को मोटर बोट के जरिए पार कर कंदाड़ी और सितरम गांव का दौरा किया। बारिश के बीच अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याओं और स्वास्थ्य सुविधाओं स्थिति की जानकारी ली।
गांव पहुंचकर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर मलेरिया संक्रमण की स्थिति, स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और इलाज से जुड़ी परेशानियों के बारे में जानकारी ली। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों से भी गांव में चल रहे उपचार और निगरानी अभियान की जानकारी ली।
बाढ़ के बीच ग्रामीणों की सुविधा पर जोर
अधिकारियों ने कहा कि बारिश और नदी-नालों में जलस्तर बढ़ने के बावजूद ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित नहीं होना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए हर संभव व्यवस्था तैयार रखी जाए।
गंभीर बच्चे को समय पर अस्पताल पहुंचाया
दौरे के दौरान अधिकारियों की नजर एक गंभीर रूप से बीमार बच्चे पर पड़ी। बच्चे की हालत को देखते हुए कलेक्टर ने तत्काल उसे मोटर बोट के माध्यम से अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था कराई। समय पर अस्पताल पहुंचने से बच्चे को जल्द उपचार मिल सका और उसकी जान बचाई जा सकी।
अतिरिक्त मोटर बोट की होगी व्यवस्था
प्रशासन ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि दूरस्थ और संवेदनशील इलाकों में आवागमन की समस्या को देखते हुए जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त मोटर बोट की व्यवस्था की जाए। साथ ही मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की लगातार निगरानी करने और ग्रामीणों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।