रायगढ़ के कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने समय-सीमा बैठक में जिले में चल रहे विभिन्न शासकीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक के दौरान राज्य शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं, विभागीय पत्रों, लंबित प्रकरणों और राजस्व से जुड़े मामलों की जानकारी ली गई। इस दौरान नक्शा बंटांकन कार्य की धीमी गति सामने आने पर कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर करते हुए अधिकारियों को तेजी से काम पूरा करने के निर्देश दिए।
10 तहसीलदारों से मांगा जवाब
बैठक में नक्शा बंटांकन की अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर कलेक्टर ने जिले के सभी 10 तहसीलदारों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व संबंधी कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आम नागरिकों से जुड़े मामलों के निराकरण में समयबद्धता बेहद जरूरी है। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अगले एक सप्ताह के भीतर सभी तहसीलों में नक्शा बंटांकन कार्य में स्पष्ट और संतोषजनक सुधार दिखाई देना चाहिए। उन्होंने कहा कि आगामी समय-सीमा बैठक में इस कार्य की दोबारा समीक्षा की जाएगी। यदि प्रगति में सुधार नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जिले में 78.66 प्रतिशत हुआ नक्शा बंटांकन कार्य
समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि रायगढ़ जिले में नक्शा बंटांकन कार्य की स्थिति में पहले की तुलना में सुधार हुआ है। 18 नवंबर 2025 तक जिले में नक्शा बंटांकन की प्रगति 73.64 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 78.66 प्रतिशत तक पहुंच गई है। इस अवधि में कुल 5.02 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। अधिकारियों के अनुसार 27 जुलाई से 3 अगस्त 2026 के बीच जिले में कुल 1,008 नक्शों का बंटांकन किया गया। हालांकि कलेक्टर ने कहा कि वर्तमान प्रगति पर्याप्त नहीं है और सभी तहसीलों को निर्धारित समय में लक्ष्य पूरा करने के लिए तेजी से कार्य करना होगा।धरमजयगढ़ और छाल तहसील का प्रदर्शन बेहतर
बैठक में तहसीलवार नक्शा बंटांकन की प्रगति की जानकारी भी प्रस्तुत की गई। इसमें धरमजयगढ़ तहसील सबसे आगे रही, जहां 93.26 प्रतिशत नक्शा बंटांकन पूरा हो चुका है। इसके बाद छाल तहसील में 91.15 प्रतिशत और घरघोड़ा तहसील में 90.45 प्रतिशत कार्य पूरा किया गया है। वहीं मुकडेगा तहसील में 87.55 प्रतिशत, तमनार में 86.16 प्रतिशत, लैलूंगा में 85.59 प्रतिशत और कापू तहसील में 83.45 प्रतिशत नक्शा बंटांकन पूरा हुआ है। खरसिया तहसील में 75.69 प्रतिशत और रायगढ़ तहसील में 70.20 प्रतिशत कार्य पूरा होने की जानकारी दी गई।
पुसौर तहसील की प्रगति सबसे कम
समीक्षा के दौरान सामने आया कि पुसौर तहसील में नक्शा बंटांकन की प्रगति सबसे कम रही। यहां अब तक 65.60 प्रतिशत कार्य ही पूरा हो पाया है। कलेक्टर ने कम प्रगति वाले क्षेत्रों में विशेष ध्यान देकर कार्य की गति बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग से जुड़े कार्यों में देरी होने से आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसलिए अधिकारी नियमित रूप से इसकी निगरानी करें और लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करें।नक्शा बंटांकन में लैलूंगा की प्रगति रही ऋणात्मक
साप्ताहिक समीक्षा के दौरान अलग-अलग तहसीलों में हुए नक्शा बंटांकन की जानकारी भी सामने आई। रायगढ़ तहसील में 258, घरघोड़ा में 206 और पुसौर में 200 नक्शों का बंटांकन किया गया। इसी तरह तमनार में 165, खरसिया में 62, छाल में 53, धरमजयगढ़ में 34, कापू में 28 और मुकडेगा में 26 नक्शों का बंटांकन हुआ। वहीं लैलूंगा तहसील की साप्ताहिक प्रगति ऋणात्मक (-24) दर्ज की गई। इसे गंभीर स्थिति मानते हुए कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी तहसीलदार अपने-अपने क्षेत्रों में लंबित कार्यों की नियमित समीक्षा करें और निर्धारित समय सीमा में लक्ष्य पूरा करें।
राजस्व कार्यों में तेजी लाने पर प्रशासन का जोर
कलेक्टर ने बैठक में स्पष्ट किया कि शासन की प्राथमिकताओं वाले कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता से जुड़े राजस्व मामलों का समय पर निराकरण करें और कार्यों की प्रगति को लगातार बेहतर बनाएं। नक्शा बंटांकन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को लेकर प्रशासन अब सख्ती के साथ निगरानी कर रहा है। आने वाली समीक्षा बैठक में तहसीलवार प्रगति की फिर से जांच की जाएगी और उसी आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।