छत्तीसगढ़ में जंतर-मंतर प्रदर्शन को लेकर सांसद कंगना रनौत की कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। इसी कड़ी में शुक्रवार को बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर में महिला कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सांसद कंगना रनौत और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी का पुतला दहन कर उनके बयान का विरोध जताया। महिला कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन में शामिल युवाओं और महिलाओं को लेकर की गई टिप्पणी बेहद अपमानजनक है और इससे लोकतांत्रिक मूल्यों को ठेस पहुंची है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जनप्रतिनिधियों से जिम्मेदार और मर्यादित भाषा की अपेक्षा की जाती है, लेकिन इस तरह के बयान युवाओं और महिलाओं के सम्मान को चोट पहुंचाते हैं।
सार्वजनिक माफी की मांग
प्रदर्शन के दौरान महिला कांग्रेस नेताओं ने सांसद कंगना रनौत और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। नेताओं ने कहा कि किसी भी मुद्दे पर असहमति हो सकती है, लेकिन युवाओं और महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल स्वीकार नहीं किया जा सकता। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं द्वारा लगातार ऐसे बयान दिए जा रहे हैं, जिससे युवाओं और महिलाओं की भावनाएं आहत हो रही हैं।
आवाज दबाने का लगाया आरोप
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध की आवाज को सम्मान मिलना चाहिए और उसे दबाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश के युवा रोजगार, परीक्षा व्यवस्था और शिक्षा से जुड़े कई मुद्दों को लेकर अपनी बात रख रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं को सुनने के बजाय उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि युवाओं की आवाज को दबाने का कोई भी प्रयास लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए सही नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि संबंधित नेताओं ने अपने बयान को लेकर माफी नहीं मांगी तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।रनौत के बयान पर भड़की कांग्रेस
दरअसल, दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर हुए प्रदर्शन में बड़ी संख्या में युवक-युवतियां शामिल हुए थे। इस दौरान सामने आए कुछ वीडियो को लेकर विवाद खड़ा हुआ, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक नारे लगाए जाने का आरोप लगाया गया। इसी मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए मंडी से भाजपा सांसद कंगना रनौत ने प्रदर्शन में शामिल कुछ युवाओं की आलोचना की थी। उन्होंने युवा पीढ़ी को लेकर कड़ी टिप्पणी की थी, जिस पर कांग्रेस ने आपत्ति जताई है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि किसी भी विरोध प्रदर्शन में शामिल सभी युवाओं को एक ही नजर से देखना गलत है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को अपनी भाषा में संयम रखना चाहिए और युवाओं के प्रति सम्मानजनक रवैया अपनाना चाहिए।
महिला कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन
जगदलपुर में हुए इस प्रदर्शन में महिला कांग्रेस के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए कंगना रनौत और केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध जताया। महिला कांग्रेस ने कहा कि वह युवाओं और महिलाओं के सम्मान के मुद्दे पर अपनी आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने दोहराया कि जब तक संबंधित नेताओं की ओर से स्पष्टीकरण या सार्वजनिक माफी नहीं दी जाती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।