Deepak Baij: दिल्ली में 1 नवंबर को आयोजित होने वाली कांग्रेस की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली में शामिल होने के लिए छत्तीसगढ़ के कांग्रेस कार्यकर्ताओं का जत्था रवाना हो गया। प्रदेशभर से पहुंचे कार्यकर्ता 16 बसों में सवार होकर दिल्ली के लिए निकले। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने हरी झंडी दिखाकर बसों को रवाना किया। इस दौरान दीपक बैज ने पत्रकारों से बातचीत में प्रदेश सरकार पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा। उन्होंने चक्रवात ‘अर्नब’ और बेमौसम बारिश से प्रभावित किसानों की स्थिति पर चिंता जताते हुए उनका कर्ज माफ करने की मांग की। बैज ने कहा कि बारिश के कारण बस्तर सहित प्रदेश के कई इलाकों में फसलें बर्बाद हुई हैं। किसान पहले से ही परेशान हैं और दूसरी ओर पटवारियों की हड़ताल के चलते फसल नुकसान का सर्वे भी प्रभावित हो सकता है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब पटवारी हड़ताल पर हैं, तो प्रभावित किसानों की फसलों का आकलन कौन करेगा? सरकार को तत्काल पटवारियों से बातचीत कर हड़ताल समाप्त कराने की दिशा में कदम उठाना चाहिए। साथ ही बीमा कंपनियों को जल्द सर्वे कर नुकसान का आकलन करने और प्रभावित किसानों को बिना देरी किए बीमा राशि का भुगतान करने के निर्देश देने चाहिए।
जेपी नड्डा की पदयात्रा पर भी उठाए सवाल
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की पदयात्रा को लेकर भी दीपक बैज ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को बचाने की बात करने से पहले चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों का जवाब देना जरूरी है। बैज ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने और SIR के नाम पर मतदाताओं के नाम काटे जाने की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में वोट चोरी और मतदाता सूची में गड़बड़ी के मुद्दे गंभीर हैं। बैज ने यह भी दावा किया कि यदि चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाएं तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी सीट भी नहीं बचा पाएंगे। उन्होंने भाजपा से चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों पर जवाब देने को कहा।
116 जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा घटाने पर सरकार से मांगा जवाब
प्रदेश में 116 जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा में कटौती के मुद्दे पर भी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार नक्सलवाद खत्म होने का दावा कर रही है, लेकिन इसी आधार पर जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा कम की जा रही है। ऐसे में सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि सुरक्षा में कटौती का फैसला किन आधारों पर लिया गया है। दीपक बैज ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की NSG सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि क्या उनकी सुरक्षा हटाने के लिए भी कोई सिफारिश की गई है? इसके साथ ही बस्तर के नेताओं को मिली CRPF सुरक्षा पर सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
बैज ने कहा कि यदि सुरक्षा हटाने का फैसला लिया जा रहा है, तो यह सभी नेताओं और जनप्रतिनिधियों के लिए समान रूप से लागू होना चाहिए। उन्होंने गृहमंत्री से सवाल किया कि क्या पूर्व मुख्यमंत्री और अन्य नेताओं की सुरक्षा में भी कटौती की जाएगी






