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Delhi homes with rooftop solar panels(Image source: AI Photo)
Delhi homes with rooftop solar panels(Image source: AI Photo)
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Delhi Solar Policy: बिजली उपभोक्ता के साथ उत्पादक बनाने की तैयारी, 2.30 लाख घरों में मुफ्त सोलर सिस्टम लगाने का लक्ष्य

Delhi Solar Policy: रूफटॉप सोलर को बढ़ावा देते हुए मौजूदा 228 मेगावाट क्षमता को 500 मेगावाट तक ले जाने का लक्ष्य रख रही है। 3 किलोवाट तक के सिस्टम पर ₹3 और 3-10 किलोवाट पर ₹2 प्रति यूनिट GBI का प्रावधान है। सरकार के सामने 2.30 लाख घरों तक योजना पहुंचाने, सोलर सिस्टम लगाने, ग्रिड कनेक्शन और 5 साल के रखरखाव की व्यवस्था सुनिश्चित करने की चुनौती है।

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प्रकाशित: 04 Sep 2026, 03:00 PM · अपडेट: 15 Oct 2026, 06:16 AM
रायपुर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
Delhi Solar Policy: सौर ऊर्जा को बड़े स्तर पर बढ़ावा देने की तैयारी में है। सरकार का लक्ष्य सिर्फ लोगों के बिजली बिल में कमी लाना नहीं, बल्कि घरों को बिजली का उपभोक्ता होने के साथ-साथ बिजली पैदा करने वाला केंद्र बनाना है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सचिवालय में कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए सोलर पॉलिसी को लेकर सरकार की योजना साझा की। सरकार के मुताबिक, दिल्ली में फिलहाल करीब 10,700 रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं, जिनसे लगभग 228 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। अब सरकार इस क्षमता को बढ़ाकर 500 मेगावाट तक पहुंचाना चाहती है।

मुफ्त सोलर से घटेगा बिजली बिल

मार्च 2027 तक 2.30 लाख घरों में मुफ्त सोलर सिस्टम दिल्ली सरकार ने मार्च 2027 तक 2.30 लाख घरों की छतों पर मुफ्त सोलर सिस्टम लगाने का लक्ष्य रखा है। इसके जरिए राजधानी में रूफटॉप सोलर की क्षमता तेजी से बढ़ाने की योजना है। सरकार का कहना है कि इससे घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली खर्च में बचत होगी और पारंपरिक बिजली पर निर्भरता भी कम होगी। 
बिजली सब्सिडी का लाभ भी रहेगा जारी मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा बिजली सब्सिडी जारी रहेगी। यानी पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को सब्सिडी का लाभ मिलता रहेगा और इसके साथ रूफटॉप सोलर से बिजली की खपत में होने वाली बचत का अतिरिक्त फायदा भी मिलेगा। दिल्ली की सोलर नीति में 10 किलोवाट तक के रूफटॉप सोलर सिस्टम को बढ़ावा दिया जा रहा है। 

केंद्र-राज्य दोनों से मिलेगी सब्सिडी

सरकार का जोर आवेदन से लेकर सिस्टम लगाने और ग्रिड कनेक्शन तक की प्रक्रिया को आसान बनाने पर है। केंद्र और दिल्ली सरकार दोनों से मिल सकती है सब्सिडी दिल्ली सोलर पोर्टल के अनुसार, आवासीय उपभोक्ताओं के लिए राज्य सरकार की ओर से सोलर कैपिटल सब्सिडी और उत्पादन आधारित प्रोत्साहन का प्रावधान है। 
वहीं, पात्र परिवारों को केंद्र सरकार की PM Surya Ghar: Muft Bijli Yojana के तहत भी केंद्रीय सब्सिडी मिल सकती है। योजना के तहत 3 किलोवाट तक के रूफटॉप सोलर सिस्टम पर केंद्रीय सब्सिडी अधिकतम 78 हजार रुपए तक है। अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजकर भी होगा फायदा रूफटॉप सोलर से पैदा होने वाली जरूरत से ज्यादा बिजली को ग्रिड में भेजने की व्यवस्था भी है। इससे उपभोक्ता अपनी बिजली की लागत को और कम कर सकते हैं।

सोलर क्षमता बढ़ाना बड़ी चुनौती

दिल्ली की सोलर नीति में Generation Based Incentive (GBI) का भी प्रावधान है। मौजूदा नीति के अनुसार, 3 किलोवाट तक के आवासीय सोलर सिस्टम पर 3 रुपए प्रति यूनिट और 3 से 10 किलोवाट तक के सिस्टम पर 2 रुपए प्रति यूनिट का मासिक GBI दिया जाता है। 500 मेगावाट का लक्ष्य आसान नहीं सरकार के सामने 2.30 लाख घरों तक योजना पहुंचाने और मौजूदा 228 मेगावाट क्षमता को 500 मेगावाट तक ले जाने की बड़ी चुनौती है। इसके लिए पात्र उपभोक्ताओं की पहचान, आवेदन प्रक्रिया, अधिकृत वेंडरों की उपलब्धता, सोलर सिस्टम की स्थापना और ग्रिड कनेक्शन जैसे काम समय पर पूरे करने होंगे।

सोलर से उपभोक्ता बनेंगे बिजली उत्पादक

सिस्टम लगने के बाद 5 साल के रखरखाव की व्यवस्था को प्रभावी तरीके से लागू करना भी अहम होगा। ऐसे में योजना की सफलता काफी हद तक इसके जमीनी क्रियान्वयन की रफ्तार पर निर्भर करेगी। सरकार का कहना है कि दिल्ली की सोलर पॉलिसी का मकसद सिर्फ बिजली बिल कम करना नहीं है। इसके जरिए राजधानी के घरों को बिजली के उपभोक्ता से बिजली के उत्पादक में बदलने और स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
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