Shahdol News: एक ओर पूरा शहडोल जिला भारी बारिश से जूझ रहा है। लगातार बारिश के चलते कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित है और प्रशासन लोगों से सतर्क रहने की अपील कर रहा है। इसी बीच जिले की गोरतरा ग्राम पंचायत स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय का एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वायरल तस्वीर में स्कूल में पढ़ने वाले छोटे बच्चे अपनी जान जोखिम में डालकर स्कूल की छत और छज्जे की सफाई करते नजर आ रहे हैं। तस्वीर में कुछ बच्चे ऊंचाई पर चढ़कर छत की दीवार और छज्जे पर जमा गंदगी साफ करते दिखाई दे रहे हैं।
किताबों की जगह सफाई का सामान
बारिश के दौरान बच्चों से इस तरह का जोखिम भरा काम कराया जाना कई सवाल खड़े कर रहा है। किताब-कॉपी की उम्र में बच्चों के हाथ में सफाई का सामान जिस उम्र में बच्चों के हाथों में किताबें, कॉपियां और स्कूल बैग होने चाहिए, उस उम्र में उनसे ऊंचाई पर चढ़कर सफाई का काम कराया जाना चिंता का विषय है। खासकर बारिश के मौसम में छत और छज्जे पर फिसलन बढ़ जाती है। ऐसे में बच्चों का ऊंचाई पर जाना किसी भी वक्त हादसे का कारण बन सकता था।
सफाई जरूरी थी तो सुरक्षित व्यवस्था क्यों नहीं?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर स्कूल की छत या छज्जे पर सफाई की जरूरत थी तो बच्चों को वहां चढ़ाने की नौबत क्यों आई? स्कूल में सफाई के लिए जिम्मेदार कर्मचारियों या किसी सुरक्षित व्यवस्था के जरिए यह काम कराया जा सकता था। इसके बावजूद बच्चों को जोखिम में डालकर सफाई करवाए जाने का आरोप सामने आया है।वायरल तस्वीर के बाद उठे सवाल तस्वीर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर स्कूल प्रबंधन और शिक्षा विभाग की निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अभिभावकों के बीच भी चिंता है कि स्कूल परिसर में बच्चों की सुरक्षा को लेकर निर्धारित मानकों का पालन आखिर किस स्तर पर हो रहा है।
जांच के बाद साफ होगी तस्वीर
लोगों का सवाल है कि बच्चों को स्कूल में सुरक्षित माहौल देने की जिम्मेदारी किसकी है और यदि इमेज में दिखाई दे रहा मामला सही है तो बच्चों को ऊंचाई पर चढ़कर सफाई करने की अनुमति किसने दी? जांच के बाद ही साफ होगी पूरी तस्वीर हालांकि वायरल तस्वीर को लेकर स्कूल प्रबंधन या संबंधित शिक्षा अधिकारियों की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। तस्वीर की सत्यता और पूरे मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
लापरवाही पर होगी कार्रवाई?
लेकिन यदि बच्चों से वास्तव में इस तरह का जोखिम भरा काम कराया गया है तो यह स्कूल में सुरक्षा व्यवस्था और जिम्मेदार अधिकारियों की निगरानी पर गंभीर सवाल जरूर खड़े करता है। अब देखना होगा कि वायरल तस्वीर के आधार पर शिक्षा विभाग मामले की जांच करता है या नहीं और बच्चों को जोखिम में डालने के आरोप सही पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।

