Dhamtari News: 5 साल के बच्चे ने निगली बैटरी वाली LED लाइट, एंडोस्कोपी से बची जान
Dhamtari News: 5 वर्षीय बच्चे ने खेलते समय बैटरी वाली छोटी LED लाइट निगल ली। लाइट पेट में फंसने के बाद डॉक्टरों ने एंडोस्कोपी से उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। समय पर इलाज मिलने से बच्चे की जान बच गई।
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कीर्तिमान डेस्क | यशोदा साहू
31 Aug 2026, 05:59 PM
धमतरी
Dhamtari News: छोटे बच्चों की पहुंच में रखी छोटी-छोटी चीजें कब गंभीर खतरा बन जाएं, इसका एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। बालोद जिले के गुरुर निवासी 5 वर्षीय बच्चे ने खेलते समय बैटरी से चलने वाली छोटी LED लाइट निगल ली। लाइट बच्चे के पेट में जाकर फंस गई। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे पहले बालोद के निजी अस्पताल ले गए, जहां से उसे धमतरी रेफर किया गया। यहां डॉक्टरों ने एंडोस्कोपी की मदद से बिना बड़ा चीरा लगाए लाइट को बाहर निकाल लिया। जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह करीब 10 बजे 5 वर्षीय गर्वित साहू घर में खेल रहा था। इसी दौरान उसने बैटरी वाली छोटी LED लाइट मुंह में डाल ली और गलती से उसे निगल गया। कुछ देर बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ने लगी तो परिजन उसे तत्काल बालोद के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। प्रारंभिक जांच के बाद डॉक्टरों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बच्चे को धमतरी रेफर कर दिया।
एंडोस्कोपी से LED लाइट बाहर निकालीएंडोस्कोपी से पेट से निकाली गई LED लाइट
धमतरी पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने बच्चे की जांच की। जांच में पता चला कि बैटरी वाली LED लाइट पेट में फंसी हुई है। स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने एंडोस्कोपी के जरिए इसे निकालने का फैसला किया। मेडिकल टीम ने सफलतापूर्वक एंडोस्कोपिक प्रक्रिया पूरी कर लाइट को बाहर निकाल लिया। इस दौरान किसी बड़े चीरे की जरूरत नहीं पड़ी। डॉक्टरों के मुताबिक, बैटरी का लंबे समय तक शरीर के अंदर रहना बेहद खतरनाक हो सकता है।
एंडोस्कोपी से पेट से निकाली गई LED लाइट
बैटरी से रसायन लीक होने की स्थिति में शरीर के अंदरूनी हिस्सों को नुकसान पहुंच सकता है। इससे जलन, ऊतक क्षति और आंतों से जुड़ी गंभीर समस्या का खतरा बढ़ सकता है। समय रहते बच्चे को अस्पताल पहुंचाने और उपचार मिलने से बड़ा खतरा टल गया। फिलहाल गर्वित की हालत सामान्य बताई जा रही है। उपचार के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी भी दे दी गई है। घटना के बाद डॉक्टरों ने अभिभावकों से बच्चों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।
बच्चों से दूर रखें ऐसी छोटी वस्तुएं
उन्होंने कहा कि बैटरी, सिक्के, बटन, चुंबक, छोटी LED लाइट और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के छोटे हिस्से बच्चों की पहुंच से दूर रखने चाहिए। छोटे बच्चे अक्सर खेलते समय चीजों को मुंह में डाल लेते हैं। इसलिए उनके आसपास मौजूद वस्तुओं पर नजर रखना जरूरी है। अगर कोई बच्चा बैटरी या दूसरी वस्तु निगल लेता है, तो घरेलू उपाय करने या इंतजार करने के बजाय उसे तुरंत अस्पताल ले जाना चाहिए।