धमतरी जिले के चर्चित भोयना ट्रिपल मर्डर केस में अदालत ने पांच दोषियों को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अर्जुनी थाना क्षेत्र के ग्राम भोयना स्थित अन्नपूर्णा ढाबे के सामने 11 अगस्त 2025 की रात मामूली विवाद के बाद रायपुर के तीन युवकों की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के करीब एक साल के भीतर मामले में फैसला आया है।
प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश धमतरी मोहन सिंह कोर्राम की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए पांचों आरोपियों को दोषी ठहराया। सजा पाने वालों में मथुराडीह निवासी गोपी दीवान (20), कोर्रा निवासी कुलेश्वर नेताम (25), ईर्रा निवासी रणवीर कुमार साहू (20), आमापारा धमतरी निवासी कमलेश ध्रुव (19) और मथुराडीह निवासी गौतम दीवान (22) शामिल हैं।
दोस्तों के साथ घूमने निकले थे तीनों युवक
मामले में शामिल तीन विधि से संघर्षरत बालकों के संबंध में किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष नियमानुसार कार्रवाई की गई। 11 अगस्त 2025 की रात रायपुर के संतोषी नगर और सेजबहार क्षेत्र के रहने वाले आलोक सिंह ठाकुर, नितिन टांडी और सुरेश हियाल अपने दोस्तों के साथ कार से धमतरी-सोरम की ओर घूमने निकले थे। रात में सभी खाना खाने के लिए ग्राम भोयना स्थित अन्नपूर्णा ढाबे पहुंचे। इसी दौरान ढाबे के आसपास मौजूद युवकों से उनका विवाद हो गया। आरोप था कि वहां मौजूद युवक नशे में आने-जाने वाले वाहनों को रोककर लोगों से विवाद और मारपीट कर रहे थे। रायपुर से पहुंचे युवकों से भी कहासुनी हुई और कुछ ही देर में विवाद हिंसक हो गया। विवाद बढ़ने के बाद आरोपियों ने युवकों पर हमला कर दिया।
चाकू से हमला कर तीन युवकों की हत्या
मुख्य आरोपी गोपी दीवान ने चाकू से आलोक सिंह ठाकुर, नितिन टांडी और सुरेश पर प्राणघातक वार किए। दो युवकों पर ढाबे के सामने हमला हुआ, जबकि एक युवक जान बचाने के लिए वहां से भाग निकला। आरोपियों ने उसका पीछा किया और करीब 100 मीटर दूर उसे घेरकर चाकू से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल युवक किसी तरह करीब 50 मीटर दूर स्थित टायर दुकान तक पहुंचा, लेकिन उसकी भी मौत हो गई। वारदात के दौरान आरोपियों ने अन्नपूर्णा ढाबे में जमकर उत्पात मचाया। कुर्सियों में तोड़फोड़ करने के साथ वहां मौजूद हाईवा चालकों से भी मारपीट की गई। ढाबे में रखे करीब 26 हजार रुपए लूटने का भी आरोप लगाया गया था। करीब आधे घंटे तक चले घटनाक्रम के दौरान मौके पर दहशत का माहौल रहा। हमला होते देख वहां मौजूद कुछ अन्य युवक भाग निकले और अपनी जान बचाई।करीब 700 पन्नों की चार्जशीट पेश की गई
वारदात की सूचना मिलने के बाद अर्जुनी पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया। पुलिस ने मामले की जांच के दौरान घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए। अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों को भी विवेचना में शामिल किया गया। इसके बाद अदालत में करीब 700 पन्नों की चार्जशीट पेश की गई। पुलिस ने प्रकरण में कुल आठ लोगों की संलिप्तता पाई थी, जिनमें पांच वयस्क और तीन विधि से संघर्षरत बालक शामिल थे। वयस्क आरोपियों के खिलाफ मामला न्यायालय में चला, जहां सुनवाई पूरी होने के बाद पांचों को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई। इस हत्याकांड ने रायपुर के तीन परिवारों को गहरा सदमा दिया था। सेजबहार निवासी आलोक ठाकुर पेटी कांट्रेक्टर का काम करता था और परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहा था। उसके पिता का वर्ष 2015-16 में एक्सीडेंट हुआ था, जिसमें उनका एक पैर कट गया था। घटना से कुछ समय पहले आलोक के विवाह की बात भी तय हुई थी। नितिन टांडी पेशे से कार चालक था और नियमित रूप से धमतरी आता-जाता था। वह महिला एवं बाल विकास विभाग की एक महिला अधिकारी की गाड़ी चलाता था। उसकी शादी करीब पांच साल पहले हुई थी और उसके दो छोटे बच्चे हैं। वहीं सुरेश हियाल (33) भी कार चालक था। उसके परिवार में पत्नी और दो साल की बेटी है।