Diwali Shubh Muhurat: दीवाली का पर्व सिर्फ एक दिन का त्योहार नहीं है, बल्कि यह धनतेरस से शुरू होकर भाई दूज तक चलने वाला पांच दिनों का एक पूरा उत्सव है। इस दौरान बाजारों की रौनक और लोगों का उत्साह देखते ही बनता है। सनातन संस्कृति में मान्यता है कि इस खास अवधि में यदि शुभ मुहूर्त देखकर खरीदारी की जाए, तो घर में बरकत और सुख-समृद्धि का वास होता है। इस साल नवंबर के पहले हफ्ते में ज्योतिषीय दृष्टि से कई अद्भुत संयोग बन रहे हैं। 1 नवंबर से लेकर 6 नवंबर के बीच रवि पुष्य योग, बुधादित्य योग, लक्ष्मी नारायण योग और गजकेसरी राजयोग जैसे दुर्लभ योगों का निर्माण हो रहा है। आइए जानते हैं कि इस दौरान खरीदारी के कौन-कौन से मुहूर्त सबसे उत्तम रहने वाले हैं।
1 नवंबर रवि पुष्य और सर्वार्थ सिद्धि योग का महासंयोग
नवंबर की शुरुआत ही बेहद शुभ योग के साथ हो रही है। महीने के पहले दिन रवि पुष्य योग का महासंयोग बन रहा है, जिसे ज्योतिष शास्त्र में सोने, चांदी, वाहन और संपत्ति की खरीदारी के लिए सबसे बेहतरीन माना गया है।
- रवि पुष्य योग: सुबह 06:33 बजे से शुरू होकर 2 नवंबर की सुबह 04:30 बजे तक रहेगा।
- सर्वार्थ सिद्धि योग: यह भी इसी समयावधि यानी सुबह 06:33 बजे से 2 नवंबर की सुबह 04:30 बजे तक मान्य रहेगा।
- अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:42 बजे से दोपहर 12:27 बजे तक।
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 05:36 बजे से 06:54 बजे तक।
1 नवंबर के चौघड़िया मुहूर्त
लाभ-अमृत चौघड़िया (दिन में): सुबह 09:18 बजे से दोपहर 12:04 बजे तक।
शुभ चौघड़िया (दिन में): दोपहर 01:27 बजे से दोपहर 02:50 बजे तक।
शाम का शुभ समय (शुभ व अमृत): शाम 05:42 बजे से रात 08:54 बजे तक।
2 से 5 नवंबर तक के प्रमुख योग
- 2 नवंबर (बुधादित्य और लक्ष्मी नारायण योग): इस दिन सूर्य और बुध की युति से बुधादित्य योग, जबकि शुक्र और बुध के मिलन से लक्ष्मी नारायण योग बनेगा। इन दोनों योगों के प्रभाव से नए बर्तन, वाहन, चांदी के सिक्के, माता लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमा, शंख, कौड़ी, स्वस्तिक और मिट्टी के दीपक खरीदना बेहद शुभ रहेगा।
- 3 नवंबर (गजकेसरी राजयोग): इस दिन देवगुरु बृहस्पति और चंद्रमा की युति से अत्यंत फलदायी गजकेसरी राजयोग का निर्माण होगा।
- 4 नवंबर (ब्रह्म योग): यह दिन आध्यात्मिक और मांगलिक कार्यों के लिए बेहद उत्तम माना गया है।
- 5 नवंबर (रमा एकादशी): कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की रमा एकादशी का व्रत रखा जाएगा, जिसका सनातन धर्म में विशेष महत्व है।
6 नवंबर धनतेरस पर खरीदारी और पूजा के मुहूर्त
कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि यानी 6 नवंबर को धनतेरस का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन सोना, चांदी, नई झाड़ू और मां लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति घर लाना बहुत मंगलकारी माना जाता है।
- त्रयोदशी तिथि का आरंभ: 6 नवंबर को सुबह 10:30 बजे से।
- त्रयोदशी तिथि की समाप्ति: 7 नवंबर को सुबह 10:47 बजे तक।
- खरीदारी का शुभ समय: 6 नवंबर को सुबह 10:30 बजे के बाद पूरे दिन कभी भी खरीदारी की जा सकती है।
- धनतेरस पूजा मुहूर्त: शाम 06:19 बजे से रात 08:17 बजे तक।
दीवाली 2026 लक्ष्मी पूजा के सबसे उत्तम मुहूर्त
वैदिक पंचांग के अनुसार, इस वर्ष दीवाली का महापर्व 8 नवंबर को मनाया जाएगा। इस दिन माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा की जाती है।
- अमावस्या तिथि का आरंभ: 8 नवंबर को सुबह 11:27 बजे से।
- अमावस्या तिथि की समाप्ति: 9 नवंबर को दोपहर 12:31 बजे तक।
- लक्ष्मी पूजा का मुख्य मुहूर्त: शाम 05:54 बजे से रात 07:50 बजे तक।
- प्रदोष काल: शाम 05:31 बजे से रात 08:09 बजे तक।
- वृषभ काल: शाम 05:54 बजे से रात 07:50 बजे तक।
खरीदारी करते वक्त रखें इन बातों का ध्यान
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, धनतेरस और दीवाली के पावन अवसर पर कुछ चीजों को घर लाने से बचना चाहिए। इस दौरान लोहा, एल्युमिनियम, प्लास्टिक, कांच के बर्तन, नकली सोना और नुकीली चीजें (जैसे चाकू या कैंची) खरीदने से परहेज करना चाहिए, क्योंकि इन्हें शुभ नहीं माना जाता है।







