कल्याण कॉलेज सेक्टर-7 बना मुख्य केंद्र
नगर निगम भिलाई द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, चुनावी गतिविधियों का मुख्य केंद्र सेक्टर-7 स्थित कल्याण स्नातकोत्तर महाविद्यालय को बनाया गया है।
यहीं से मतदान दलों को चुनावी सामग्री का वितरण किया जाएगा और पोलिंग पार्टियां रवाना होंगी।
मतदान पूरा होने के बाद मतपेटियों/ईवीएम की वापसी और मतगणना का काम भी इसी कॉलेज परिसर में संपन्न होगा।
इसके अलावा, नामांकनों को लेकर व्यवस्था स्पष्ट कर दी गई है—महापौर और पार्षद पद के दावेदार भिलाई निगम के महापौर कार्यालय में अपने नामांकन पत्र जमा करेंगे।
मतदाता सूची पर काम तेज: 30 नवंबर को आएगा अंतिम प्रकाशन
राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार, मतदाता सूची को अंतिम रूप देने का काम जोरों पर है।
विशेष अभियान: 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके नए युवाओं और अब तक छूटे हुए नागरिकों के नाम जोड़ने के लिए घर-घर सर्वे और शिविर लगाए जा रहे हैं।
बीएलओ प्रशिक्षण: बीएलओ (BLO) और पर्यवेक्षकों की ट्रेनिंग प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। दावा-आपत्तियों के निपटारे के लिए नए स्थानों पर अधिकारियों की तैनाती की गई है।
अंतिम तिथि: 30 नवंबर को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया जाएगा, जिसके बाद चुनाव की तिथियों का कभी भी औपचारिक ऐलान हो सकता है।
चुनावी आहट से 'गायब' पार्षद भी गलियों में सक्रिय
जैसे-जैसे चुनाव की तारीखें नजदीक आ रही हैं, जमीनी राजनीति का मिजाज भी बदलने लगा है। पिछले काफी समय से वार्डों से नदारद रहने वाले स्थानीय पार्षद अब अचानक अपनी गलियों और मोहल्लों में सक्रिय दिखने लगे हैं।
सत्ताधारी व विपक्षी पार्षद अब अपने-अपने वार्डों में जाकर विकास कार्यों का हिसाब-किताब दे रहे हैं।
कुछ जनप्रतिनिधि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का हवाला देकर मतदाताओं को साधने में जुटे हैं।
दूसरी ओर, बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही दलों के वरिष्ठ नेता अलग-अलग निगमों और निकायों का दौरा कर चुनावी रणनीति तैयार कर रहे हैं। इस बार पार्षद प्रत्याशियों के चयन में पारदर्शिता और जीत की संभावना को देखते हुए वार्ड स्तर पर विशेष कमेटियों का गठन किया जा रहा है, जो स्थानीय स्तर पर मजबूत दावेदारों के नामों की सिफारिश करेंगी।







