DUSU Election Result: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव में मिली हार के बाद कांग्रेस नेतृत्व ने कड़ा रुख अपनाया है। चुनाव नतीजों की समीक्षा के लिए बुलाई गई एक उच्च स्तरीय बैठक में पार्टी के शीर्ष नेता और सांसद राहुल गांधी ने अपनी भारी नाराजगी जाहिर की। बैठक में राहुल गांधी ने छात्र संगठन एनएसयूआई (NSUI) के प्रबंधन और रणनीति पर गंभीर सवाल उठाए। दरअसल, इस बार डूसू चुनाव के दौरान एनएसयूआई और एबीवीपी के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली थी। वोटों की गिनती के कई दौर में एनएसयूआई के उम्मीदवार आगे भी रहे और ऐसा लग रहा था कि पार्टी अध्यक्ष पद पर कब्जा जमा लेगी। हालांकि, अंतिम परिणामों में कांग्रेस का हाथ खाली रहा और चारों प्रमुख पदों पर उसे हार झेलनी पड़ी।
ऐसी हार की उम्मीद बिल्कुल नहीं थी
समीक्षा बैठक के दौरान राहुल गांधी ने सीधे तौर पर चुनाव प्रबंधन पर सवाल खड़े किए। उन्होंने नेताओं से पूछा कि जब पार्टी अध्यक्ष पद की सीट जीतने के इतने करीब पहुंच चुकी थी, तो आखिरी वक्त में चूक कहां हुई? राहुल गांधी ने स्पष्ट कहा कि आज के दौर में जब देश भर का युवा और Gen-Z से जुड़े मुद्दे राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में हैं, ऐसे में दिल्ली यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित छात्रसंघ चुनाव में इस तरह की हार को हलके में नहीं लिया जा सकता।
कन्हैया कुमार और विनोद जाखड़ से मांगा गया जवाब
बैठक में राहुल गांधी के अलावा पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल भी मौजूद थे। केसी वेणुगोपाल ने एनएसयूआई के प्रभारी कन्हैया कुमार और राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ से सीधे सवाल पूछे। उन्होंने याद दिलाया कि जब उम्मीदवारों के चयन और जीत की जिम्मेदारी खुद ली गई थी, तो नतीजे उम्मीदों के इतने उलट क्यों रहे? कांग्रेस आलाकमान ने साफ कर दिया है कि इस हार के लिए जवाबदेही तय की जाएगी। पार्टी नेतृत्व ने कन्हैया कुमार और विनोद जाखड़ को डूसू चुनाव के पूरे घटनाक्रम, रणनीतिक कमियों और हार के कारणों पर एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।
