न्यूजीलैंड में तीन साल से वन्यजीव विभाग के लिए चुनौती बनी हुई एक जंगली बिल्ली आखिरकार पकड़ ली गई। नाइन लाइव्स नाम से मशहूर इस बिल्ली को पकड़ने के लिए कई बार अभियान चलाए गए, लेकिन हर बार वह जाल और निगरानी से बच निकलती थी। उसकी चालाकी के कारण वन्यजीव विशेषज्ञ भी हैरान थे।
आखिरकार लंबे इंतजार के बाद संरक्षण टीम ने उसे पकड़ने में सफलता हासिल की और उसे मार दिया गया। यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि उस पर कई दुर्लभ प्रजातियों के पक्षियों और स्थानीय वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाने का आरोप था।
दुर्लभ बत्तखों के शिकार से बढ़ी चिंता
जानकारी के अनुसार, यह बड़ी ग्रे टैबी बिल्ली न्यूजीलैंड के नॉर्थ आइलैंड के प्यूरेरुआ प्रायद्वीप इलाके में सक्रिय थी। वन्यजीव संरक्षणकर्ताओं का कहना है कि इस बिल्ली ने दुर्लभ पाटेके बत्तखों समेत कई स्थानीय जीवों का शिकार किया। रिपोर्ट के मुताबिक, उसने न्यूजीलैंड की मुख्य भूमि पर पाई जाने वाली दुर्लभ बत्तखों की आबादी को काफी नुकसान पहुंचाया। इसके अलावा कीवी पक्षियों के चूजों, स्थानीय गेको और अन्य छोटे जीवों के शिकार की बात भी सामने आई।
तीन साल तक चलता रहा पकड़ने का अभियान
नाइन लाइव्स पहली बार साल 2023 में कैमरों में नजर आई थी। इसके बाद वन्यजीव संरक्षण टीम ने उसे पकड़ने के लिए कई योजनाएं बनाईं। जाल, नाइट विजन कैमरे और निगरानी उपकरण लगाए गए, लेकिन हर बार वह टीम को चकमा देकर निकल जाती थी। संरक्षण प्रोजेक्ट पेस्ट फ्री प्यूरेरुआ के प्रोजेक्ट मैनेजर एंडी मेंटर ने कहा कि इस सफलता को हल्के में नहीं लिया जा सकता, क्योंकि यह बिल्ली लंबे समय से टीम के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई थी।
बत्तखों को बचाने की कोशिश पर फिर लगा झटका
प्यूरेरुआ इलाके में दुर्लभ पाटेके बत्तखों की संख्या बढ़ाने के लिए संरक्षण संगठन ने 20 बत्तखों को छोड़ा था। उम्मीद थी कि इलाके में जंगली बिल्लियों का खतरा कम हो चुका है। लेकिन कुछ ही दिनों बाद एक बत्तख मृत मिली। कैमरों की जांच में उसी खास निशान वाली बिल्ली का पता चला, जिसे बाद में नाइन लाइव्स नाम दिया गया। इसके बाद जब 2024 में दोबारा 20 बत्तखें छोड़ी गईं, तो उनमें से 15 का शिकार भी इसी बिल्ली ने कर दिया। इसके बाद उसे पकड़ने की कोशिश और तेज कर दी गई।
बिल्ली को लेकर लोगों में अलग-अलग राय
नाइन लाइव्स को लेकर न्यूजीलैंड में लोगों की राय भी बंटी हुई है। कुछ लोग उसके मारे जाने का विरोध कर रहे हैं और उनका मानना है कि उसे किसी दूसरे तरीके से नियंत्रित किया जा सकता था। वहीं, संरक्षण से जुड़े लोग इसे स्थानीय वन्यजीवों को बचाने की दिशा में बड़ी सफलता मान रहे हैं। उनका कहना है कि जंगली बिल्लियां कई देशों में स्थानीय प्रजातियों के लिए बड़ा खतरा बन चुकी हैं। अब ‘नाइन लाइव्स’ के शरीर को सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि लोगों को जंगली बिल्लियों के प्रभाव और संरक्षण की चुनौतियों के बारे में जानकारी दी जा सके।