छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। पचपेड़ी थाना क्षेत्र के चिल्हाटी गांव में पिता की एक छोटी सी लापरवाही ने दो हंसते-खेलते बच्चों की जान ले ली। गुरुवार शाम तालाब के पास खेलते समय दो सगे मासूम भाई पानी में समा गए, जबकि उनके पिता पास में ही मोबाइल पर बात करने में व्यस्त थे। मिली जानकारी के अनुसार, चिल्हाटी गांव निवासी किसान भक्त प्रहलाद पैकरा गुरुवार शाम अपने दो बेटों—दीपू पैकरा (7 वर्ष) और चींटू पैकरा (4 वर्ष) को साथ लेकर गांव के तालाब की तरफ गए थे।
छोटे भाई को डूबते देख बड़े भाई ने लगा दी छलांग
तालाब के पास पहुंचकर प्रहलाद बच्चों को वहीं छोड़कर फोन पर बात करते हुए थोड़ा आगे निकल गए। इसी दौरान 4 साल का मासूम चींटू तालाब के किनारे फिसलकर गहरे पानी में जा गिरा। छोटे भाई को डूबता देख 7 साल के बड़े भाई दीपू ने बिना सोचे-समझे उसे बचाने के लिए पानी में छलांग लगा दी। पानी गहरा होने के कारण दोनों मासूम खुद को संभाल नहीं सके और डूबने लगे।
बच्चों के चीखने की आवाज तक नहीं सुन सका पिता
पिता फोन पर बातचीत में इतने मशगूल थे कि उन्हें बच्चों के चीखने या पानी में गिरने की भनक तक नहीं लगी। राह चलते किसी ग्रामीण की नजर जब तालाब में डूबते बच्चों पर पड़ी, तो उसने तुरंत शोर मचाया। आवाज सुनकर आसपास के लोग दौड़े और पानी में गोता लगाकर दोनों बच्चों को बाहर निकाला। तब तक दोनों की सांसें थमने लगी थीं। परिजन और ग्रामीण बदहवास हालत में बच्चों को लेकर पहले पचपेड़ी अस्पताल पहुंचे, जहां से गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत मस्तूरी रेफर कर दिया गया।गांव में पसरा सन्नाटा
हालांकि, मस्तूरी अस्पताल के डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों भाइयों को मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद से पूरे गांव में सन्नाटा और मातम पसरा हुआ है। शुक्रवार को दोनों मासूमों के शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। यह दुर्घटना हर माता-पिता के लिए एक चेतावनी है। छोटे बच्चों को जल स्रोतों (नदी, तालाब, कुएं), भीड़भाड़ वाले इलाकों या व्यस्त सड़कों के पास ले जाते समय मोबाइल या अन्य चीजों में ध्यान भटकाना जानलेवा साबित हो सकता है।