FIFA वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल स्पेन और अर्जेंटीना के बीच खेला गया था। खिताबी मुकाबले में स्पेन ने जीत दर्ज कर ट्रॉफी अपने नाम की, लेकिन मैच खत्म होने के बाद मैदान पर दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच हुआ विवाद भी चर्चा में रहा। अब इस मामले में फीफा ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए अर्जेंटीना और स्पेन के कई खिलाड़ियों पर प्रतिबंध और जुर्माना लगाया है। फाइनल मुकाबले की आखिरी सीटी बजने के बाद अर्जेंटीना के मिडफील्डर लिएंड्रो परेडेस और स्पेन के कुछ खिलाड़ियों के बीच कहासुनी शुरू हो गई थी। विवाद की शुरुआत परेडेस और स्पेनिश डिफेंडर एरिक गार्सिया के बीच हुई। आरोप है कि कहासुनी के दौरान परेडेस ने गार्सिया को लात मारी, जिससे वह मैदान पर गिर गए। इसके बाद दोनों के बीच धक्का-मुक्की हुई और मामला बढ़ता चला गया। स्थिति बिगड़ती देख दोनों टीमों के खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ भी मौके पर पहुंच गए।
परेडेस पर 10 इंटरनेशनल मैचों का प्रतिबंध
स्पेन के मिडफील्डर गावी ने विवाद शांत कराने की कोशिश की, लेकिन इस दौरान उनकी भी परेडेस से भिड़ंत हो गई। आरोप है कि परेडेस ने गावी को धक्का दिया और वह मैदान पर गिर गए। देखते ही देखते विवाद में अर्जेंटीना के दूसरे खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ के सदस्य भी शामिल हो गए। फाइनल के बाद हुई घटना की समीक्षा के बाद फीफा ने लिएंड्रो परेडेस पर 10 अंतरराष्ट्रीय मैचों का प्रतिबंध लगाया है। इसका मतलब है कि वह अर्जेंटीना के आगामी 10 इंटरनेशनल मुकाबलों में मैदान पर नहीं उतर पाएंगे। मौजूदा कार्यक्रम के अनुसार जून 2027 तक अर्जेंटीना को 10 मुकाबले खेलने हैं। ऐसे में यह प्रतिबंध परेडेस को लंबे समय तक राष्ट्रीय टीम से दूर रख सकता है।स्पेन के गावी पर भी एक मैच का बैन
फीफा की कार्रवाई केवल परेडेस तक सीमित नहीं रही। अर्जेंटीना के डिफेंडर नहुएल मोलिना को सात अंतरराष्ट्रीय मैचों के लिए प्रतिबंधित किया गया है, जबकि थियागो अल्माडा पर एक मैच का निलंबन लगाया गया है। इसके अलावा परेडेस और मोलिना पर 90-90 हजार डॉलर का जुर्माना लगाया गया है। अल्माडा को 30 हजार डॉलर का जुर्माना भरना होगा। मैदान पर हुए विवाद को लेकर स्पेन के मिडफील्डर गावी पर भी कार्रवाई हुई है। उन्हें एक मैच के लिए निलंबित किया गया है। इसके चलते वह 26 सितंबर को वेम्बली में इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले नेशंस लीग मुकाबले में नहीं खेल पाएंगे। अर्जेंटीना के कोच रॉबर्टो अयाला भी कार्रवाई के दायरे में आए हैं। उन पर तीन मैचों का प्रतिबंध लगाने के साथ 30 हजार डॉलर का जुर्माना लगाया गया है। इस तरह वर्ल्ड कप फाइनल के बाद हुआ विवाद अर्जेंटीना के कई खिलाड़ियों और टीम स्टाफ के लिए भारी पड़ा है।