Gaurihar Patwari Bribe: गौरिहार क्षेत्र के खैरा कसार मौजा से भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। यहां पदस्थ एक पटवारी का रूप से ₹2,000 की रिश्वत लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है। साथ ही क्षेत्र में सरकारी कामकाज और राजस्व संबंधी मामलों में पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित ने अपने एक मामले की जांच रिपोर्ट लगवाने के लिए संबंधित पटवारी से संपर्क किया था। आरोप है कि रिपोर्ट तैयार कर आगे भेजने के एवज में पटवारी ने उससे दो हजार रुपए की मांग की। वायरल वीडियो में दोनों पक्षों के बीच काम और रुपये के लेन-देन को लेकर बातचीत होती दिखाई दे रही है।
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वायरल वीडियो से उठे सवाल
वीडियो में पीड़ित द्वारा रुपए दिए जाने का दृश्य भी नजर आ रहा है। बताया जा रहा है कि पीड़ित पक्ष ने पूरे घटनाक्रम को कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया और बाद में यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो कब और किन परिस्थितियों में बनाया गया, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है। वीडियो वायरल होने के बाद खैरा कसार सहित आसपास के क्षेत्रों में मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
ऐसे में रिश्वत लेने के आरोपों से विभाग की छवि प्रभावित होती है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से वीडियो की तकनीकी जांच कराने की मांग की है, ताकि इसकी वास्तविकता स्पष्ट हो सके। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जांच में रिश्वत लेने का आरोप सही पाया जाता है तो संबंधित पटवारी के खिलाफ कठोर विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग
मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों ने राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि जांच केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। पीड़ित और वीडियो में दिखाई दे रहे कर्मचारी के बयान दर्ज करने के साथ पूरे मामले से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच होनी चाहिए। इसके अलावा यह भी पता लगाया जाना चाहिए कि संबंधित जांच रिपोर्ट कब तैयार की गई और उसके लिए किसी प्रकार की अवैध रकम की मांग की गई थी या नहीं।जांच के बाद स्पष्ट होगी वीडियो की सच्चाई
वीडियो की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचने के बाद राजस्व विभाग ने मामले की पड़ताल शुरू कर दी है। अधिकारियों द्वारा वायरल वीडियो, लेन-देन और संबंधित राजस्व प्रकरण की जानकारी जुटाए जाने की बात सामने आ रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वीडियो वास्तविक है या उसे किसी अन्य संदर्भ में प्रस्तुत किया गया है। फिलहाल संबंधित पटवारी या जिला प्रशासन की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। मामले में प्रशासनिक जांच और संबंधित पक्षों के बयान के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।