Gold-Silver Price: गुरुवार, 3 सितंबर की सुबह कमोडिटी मार्केट खुलते ही सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली। MCX पर शुरुआती कारोबार में दोनों कीमती धातुओं के भाव में 1 फीसदी तक की बढ़त दर्ज की गई। अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड में आई नरमी ने भी सोने-चांदी की कीमतों को सहारा दिया।
सोना 0.75 चढ़कर ₹1,53,542 लाख के पार
गुरुवार सुबह MCX पर सोने की कीमत 0.75 फीसदी बढ़कर ₹1,53,542 प्रति 10 ग्राम पहुंच गई। वहीं, चांदी का भाव 0.88 फीसदी की तेजी के साथ ₹2,38,340 प्रति किलोग्राम पर कारोबार करता नजर आया। इससे पहले लगातार कई सत्रों में दोनों धातुओं की कीमतों में गिरावट देखने को मिली थी।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने के दाम बढ़े
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी गुरुवार को सोने और चांदी की कीमतों में मामूली तेजी रही। सिंगापुर में सुबह 7:56 बजे स्पॉट गोल्ड 0.1 फीसदी बढ़कर 4,386.94 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। इसी तरह स्पॉट सिल्वर भी 0.1 फीसदी की बढ़त के साथ 65.38 डॉलर प्रति औंस पर रहा। प्लैटिनम और पैलेडियम की कीमतों में हालांकि बहुत कम बदलाव देखने को मिला।
आखिर सोने-चांदी के दाम क्यों बढ़े
सोने-चांदी की कीमतों में तेजी के पीछे कई वैश्विक कारण रहे। अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड में नरमी से सोने की मांग को सहारा मिला। इसके अलावा, अमेरिका में महंगाई और ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदों ने भी निवेशकों का रुख कीमती धातुओं की ओर बढ़ाया। मध्य पूर्व के तनाव और कच्चे तेल की कीमतों को लेकर बनी अनिश्चितता ने भी सोने को सुरक्षित निवेश के तौर पर मजबूत किया। वहीं, अमेरिकी रोजगार आंकड़ों में नरमी के संकेतों से ब्याज दरों में आक्रामक बढ़ोतरी की संभावना कम हुई, जिसका असर भी सोने-चांदी के भाव पर देखने को मिला।
ट्रंप के बयान से महंगाई की कुछ चिंता कम
सोने की कीमतों में तेजी के पीछे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मध्य पूर्व में लंबी सैन्य कार्रवाई से इनकार करने वाला बयान भी एक वजह माना जा रहा है। इससे ऊर्जा कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के कारण पैदा हुई महंगाई की चिंताओं में कुछ नरमी आई है। मध्य पूर्व में नई लड़ाई के बाद लंबे समय तक युद्ध जारी रहने की आशंका बढ़ गई थी।
तेल की कीमतों में पड़ी धीमी
इससे तेल की कीमतों और महंगाई को लेकर चिंता बढ़ी थी हालांकि, बाद में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी की रफ्तार धीमी पड़ने से बाजार पर दबाव कुछ कम हुआ है। बुधवार को अमेरिकी डॉलर के मूल्य में भी मामूली गिरावट दर्ज की गई। जापानी येन में तेज मजबूती के बीच डॉलर कमजोर हुआ।
महंगाई को लेकर फेड अधिकारी का संकेत
आमतौर पर डॉलर में कमजोरी का फायदा सोने को मिलता है, क्योंकि इससे विदेशी मुद्रा में निवेश करने वाले खरीदारों के लिए सोना अपेक्षाकृत सस्ता और आकर्षक हो जाता है। न्यूयॉर्क फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष जॉन विलियम्स ने कहा कि टैरिफ के प्रभाव में कमी आने के साथ महंगाई में नरमी के संकेत दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ऊर्जा की ऊंची कीमतों का असर दूसरी सेवाओं तक व्यापक रूप से फैलता नजर नहीं आ रहा है।
इन संकेतों से ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका
अमेरिकी कंपनियों द्वारा अगस्त में नई नौकरियों की संख्या धीमी गति से बढ़ाने की खबर ने भी ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदों को प्रभावित किया। कमजोर रोजगार वृद्धि से अमेरिकी केंद्रीय बैंक पर ब्याज दरों को आक्रामक तरीके से बढ़ाने का दबाव कम होने की संभावना जताई जा रही है।

