सोने-चांदी की कीमतों में सोमवार, 10 अगस्त को एक बार फिर तेजी देखने को मिली। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 24 कैरेट सोने का भाव 10 ग्राम पर ₹1,440 बढ़कर करीब ₹1.51 लाख हो गया है। वहीं, चांदी भी महंगी हुई है और इसकी कीमत ₹1,909 बढ़कर ₹2.33 लाख प्रति किलो पहुंच गई।
अगस्त की शुरुआत से ही कीमती धातुओं के दाम तेजी से ऊपर जा रहे हैं। इस महीने अब तक सिर्फ 6 दिनों में सोने की कीमत ₹8,201 बढ़ चुकी है, जबकि चांदी ₹14,995 महंगी हुई है। इससे बाजार में सोने-चांदी की कीमतों को लेकर निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है।
चांदी में भी बढ़ा भाव
जनवरी में बना था रिकॉर्ड चांदी की कीमत भी साल के अंत के मुकाबले ऊपर है। 31 दिसंबर 2025 को एक किलो चांदी करीब ₹2.30 लाख थी, जो अब बढ़कर ₹2.33 लाख हो गई है। हालांकि, इस साल 29 जनवरी को सोने और चांदी दोनों ने रिकॉर्ड स्तर छुआ था। उस दिन सोने का भाव ₹1.76 लाख प्रति 10 ग्राम और चांदी का भाव ₹3.86 लाख प्रति किलो तक पहुंच गया था।
साल की शुरुआत से सोना ₹18 हजार महंगा
2026 में सोने के भाव में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोने की कीमत ₹1.33 लाख से कुछ ज्यादा थी, जो अब बढ़कर करीब ₹1.51 लाख हो गई है। यानी इस साल अब तक सोने की कीमत में करीब ₹18 हजार की बढ़ोतरी हुई है।
साल के अंत तक सोना ₹1.60 लाख तक पहुंचने का अनुमान
कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक, सोने और चांदी की कीमतें अपने रिकॉर्ड स्तर से नीचे आने के बाद अब निवेशकों को आकर्षित कर रही हैं। उनका कहना है कि मौजूदा स्तरों पर निवेश करते समय एकमुश्त बड़ी रकम लगाने के बजाय चरणबद्ध तरीके से निवेश करना बेहतर हो सकता है। उनके अनुमान के मुताबिक, साल के अंत तक सोना दोबारा ₹1.60 लाख और चांदी ₹2.80 लाख प्रति किलो के स्तर तक पहुंच सकती है।
ETF के जरिए भी सोने-चांदी में निवेश
जो लोग फिजिकल सोना या चांदी खरीदना नहीं चाहते, वे गोल्ड ETF और सिल्वर ETF के जरिए इनमें निवेश कर सकते हैं। ये ETF संबंधित धातु की कीमतों पर आधारित होते हैं और इनकी खरीद-बिक्री शेयरों की तरह BSE और NSE पर की जा सकती है। इसमें निवेश करने पर आपको सीधे सोना या चांदी नहीं मिलता, बल्कि ETF यूनिट के जरिए निवेश होता है।
₹500 से भी कम में शुरू हो सकता है निवेश
ETF की एक खास बात यह है कि इसमें निवेश की शुरुआत कम रकम से की जा सकती है। कुछ ETF में ₹500 से भी कम राशि से निवेश शुरू किया जा सकता है। निवेशक जब अपनी यूनिट बेचता है तो उस समय के बाजार भाव के अनुसार उसे रकम मिलती है। हालांकि, ETF में निवेश से पहले उसके खर्च, ट्रैकिंग एरर और बाजार जोखिम को समझना जरूरी है।
जरूरत पड़ने पर ETF को बेच भी सकते हैं
ETF की यूनिट को शेयरों की तरह ही ट्रेडिंग अकाउंट के जरिए बेचा जा सकता है। बिक्री के बाद मिलने वाली रकम बाजार में उस समय मौजूद कीमत के आधार पर तय होती है। यानी इसमें निवेशक को फिजिकल सोना या चांदी रखने की जरूरत नहीं पड़ती, लेकिन बाजार भाव में उतार-चढ़ाव का असर सीधे निवेश पर पड़ता है।