क्या है पूरा मामला?
वेतन निर्धारण में गड़बड़ी और गुमराह करने की कोशिश
मामले की शुरुआती जांच में कई चौंकाने वाली अनियमितताएं सामने आई हैं:
वेतन निर्धारण में देरी: वर्ष 2018 में सहायक शिक्षक एलबी संवर्ग में संविलियन के समय तय किए गए वेतन की जांच और सत्यापन समय रहते नहीं कराया गया।
रिकवरी की नौबत: समय पर अप्रूवल न मिलने के कारण कर्मचारी को अधिक भुगतान हो गया, जिससे बाद में रिकवरी की स्थिति बन गई।
गलत जानकारी प्रेषित करना: निलंबन आदेश के मुताबिक, जिम्मेदारों ने पेंशन केस के लंबित रहने को लेकर उच्च अधिकारियों और संचालनालय को भ्रामक जानकारी भी भेजी।
इन 6 अफसरों-कर्मचारियों पर गिरी गाज
जांच रिपोर्ट के आधार पर लोक शिक्षण संचालनालय ने कार्रवाई करते हुए मुंगेली जिले के निम्नलिखित कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है:
निलंबित अधिकारियों व कर्मचारियों का विवरण| नाम | पद / जिम्मेदारी |
| राघवेंद्र कुमार सोनी | तत्कालीन प्रभारी प्राचार्य |
| रघुनंदन सिंह राजपूत | प्रभारी प्राचार्य |
| शत्रुघन कुलमित्र | कनिष्ठ लेखा परीक्षक (डीईओ ऑफिस, पेंशन कक्ष प्रभारी) |
| त्रिवेणी ध्रुव | सहायक ग्रेड-दो |
| मोतीराम यादव | सहायक ग्रेड-तीन |
| अशोक ध्रुव | सहायक ग्रेड-तीन |
बिलासपुर अटैच किया गया हेडक्वार्टर: सस्पेंशन की अवधि के दौरान इन सभी छह अधिकारियों और कर्मचारियों का मुख्यालय संभागीय संयुक्त संचालक (शिक्षा) संभाग बिलासपुर तय किया गया है। नियमानुसार इस अवधि में इन्हें नियत जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।

