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अंधविश्वास का कहर : टोनही बताकर परिवार को किया प्रताड़ित, कोर्ट के आदेश पर 23 आरोपियों पर केस

महासमुंद के बागबाहरा में एक परिवार को टोनही-टोनहा बताकर सामाजिक बहिष्कार और प्रताड़ित करने के मामले में कोर्ट के आदेश पर 23 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने टोनही प्रताड़ना निवारण अधिनियम और BNS की विभिन्न धाराओं के तहत जांच शुरू कर दी है।

अप्पू धीवर |  कीर्तिमान न्यूज
प्रकाशित: 26 Jul 2026, 07:41 AM · अपडेट: 29 Oct 2026, 04:10 PM
महासमुंद
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
अंधविश्वास और सामाजिक बहिष्कार की एक खौफनाक तस्वीर सामने आई है। बागबाहरा के पिथौरा चौक (वार्ड क्रमांक 9) में एक ही परिवार को 'टोनही-टोनहा' (टोना-टोटका करने वाला) बताकर प्रताड़ित करने और उनका हुक्का-पानी बंद करने के मामले में पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत के सख्त रुख के बाद बागबाहरा पुलिस ने एक-दो नहीं, बल्कि 23 लोगों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि मोहल्ले के कुछ लोग लंबे समय से उन पर टोना-टोटका करने का झूठा लांछन लगा रहे थे। 

बहिष्कार ही नहीं दुकानदारों को राशन देने से किया मना  

बात सिर्फ तानों तक सीमित नहीं रही, बात-बात पर गाली-गलौज, जान से मारने की धमकियाँ और पूरे परिवार को मोहल्ला छोड़कर चले जाने का दबाव बनाया जाने लगा। अंधविश्वास की हद तो तब हो गई जब आरोपियों ने सामाजिक बहिष्कार का फरमान जारी कर दिया। पीड़िता के अनुसार, स्थानीय दुकानदारों को भी हिदायत दे दी गई थी कि वे उनके परिवार को राशन या दैनिक जरूरत का सामान न बेचें।
हमें हर दिन बेइज्जत किया जाता था, जान से मारने की धमकियां मिलती थीं और दुकानदारों को राशन देने से भी रोक दिया गया था।" — पीड़िता का दर्ज बयान

न्याय की गुहार लेकर पहुंचे कोर्ट 

पीड़ित परिवार न्याय की आस में पहले बागबाहरा थाने पहुंचा था, लेकिन आरोप है कि शुरुआत में पुलिस की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसके बाद पीड़िता ने हिम्मत नहीं हारी और न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, बागबाहरा की अदालत का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने मामले की गंभीरता और अंधविश्वास के नाम पर हो रहे उत्पीड़न को देखते हुए पुलिस को तुरंत एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए। अदालत के इस निर्देश के बाद 24 जुलाई को बागबाहरा पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

इन 23 लोगों पर गिरी गाज

पुलिस ने अदालत के आदेश के बाद जिन 23 आरोपियों को नामजद किया है, उनमें शामिल हैं:

  • पुरुष आरोपी: पुनाराम मरकाम, सुशील, देव कुमार, जयपवन उर्फ तेली, भगवान दास, भारत, कुलेश मरकाम, रितेश, घनश्याम मरकाम उर्फ ठेकला, देवदास, भेखराम, लव और कुश।

  • महिला आरोपी: केशर, सोनिया, बुग्गी सोनवानी, तुलसी मरकाम, पुष्पा मरकाम, आरती, फिरन मरकाम, पायल, रूबी और जयकुमारी।

पुलिस ने आरोपियों पर छत्तीसगढ़ के कड़े टोनही प्रताड़ना निवारण अधिनियम, 2005 (धारा 4 एवं 5) के तहत मामला दर्ज किया है। इसके साथ ही भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 296, 351, 74, 79 और 3(5) के तहत भी अपराध कायम किया गया है। फिलहाल पुलिस आरोपियों की धरपकड़ और मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।
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