बढ़ा तनाव : अमेरिका की ईरान पर लगातार 12वें दिन एयरस्ट्राइक, कुवैत और लाल सागर तक फैली जंग की लपटें
मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी सेना ने ईरानी ठिकानों पर कार्रवाई जारी रखी है, वहीं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य में हमले की स्थिति में ईरान के महत्वपूर्ण ढांचों को निशाना बनाने की चेतावनी दी है। दूसरी ओर ईरान समर्थित गुटों की गतिविधियों से खाड़ी क्षेत्र और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर संकट गहराने लगा है।
मध्य पूर्व में सैन्य तनाव अब अपने चरम पर पहुँच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सख्त रुख के बीच अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर लगातार 12वीं रात भी भीषण बमबारी जारी रखी। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस सैन्य कार्रवाई की पुष्टि करते हुए स्पष्ट किया है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा पूरी तरह बहाल नहीं हो जाती, यह ऑपरेशन रुकने वाला नहीं है। दूसरी ओर, अमेरिका की इस कड़ी कार्रवाई के जवाब में ईरान और उसके समर्थित गुटों ने भी पूरे खाड़ी क्षेत्र को नए युद्धक्षेत्र में बदल दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस विवाद को लेकर अब बेहद सख्त रुख अपना लिया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक कड़ा बयान जारी करते हुए ट्रंप ने ईरान को खुली चेतावनी दी:
"अब से यदि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले किसी भी जहाज पर मिसाइल, रॉकेट या ड्रोन से हमला किया, तो अमेरिकी सेना उसके जवाब में ईरान के किसी पुल या बिजली संयंत्र (पावर प्लांट) को निशाना बनाकर पूरी तरह तबाह कर देगी।"
जलडमरूमध्य पर आवाजाही ठप
यह बयान ऐसे समय में आया है जब दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा जलमार्ग 'होर्मुज जलडमरूमध्य' पर आवाजाही ठप पड़ी है। वैश्विक स्तर पर कुल ऊर्जा व्यापार का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इसी समुद्री रास्ते से गुजरता है। ईरान के हमलों के चलते अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों ने अपने जहाज यहाँ से भेजने बंद कर दिए हैं, जिसे फिर से सामान्य बनाना अमेरिका की प्राथमिकता बन चुका है।
ईरान का पलटवार: कुवैत के आसमान में धमाके
कुवैत पर ड्रोन हमले: ईरान की ओर से दागे गए मिसाइलों और ड्रोनों का मुकाबला करने के लिए कुवैती एयर डिफेंस सिस्टम को मुस्तैद होना पड़ा।
कुवैती सेना का बयान: कुवैती रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म 'X' पर जानकारी देते हुए नागरिकों से पैनिक न होने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि आसमान में सुने जा रहे तेज धमाके वास्तव में एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा दुश्मन के ड्रोनों को हवा में ही नष्ट किए जाने की आवाजें हैं।
ईंधन की कीमतों पर संकट
खाड़ी क्षेत्र के इस तनाव की चपेट में अब लाल सागर भी आ चुका है। यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने इस संघर्ष में एक नया मोर्चा खोलते हुए सऊदी अरब के दो बड़े तेल टैंकरों पर सैन्य हमला किया है। हूती प्रवक्ता के अनुसार, सऊदी अरब पर 'समुद्री नाकेबंदी' लागू की गई है और इन जहाजों ने उस प्रतिबंध का उल्लंघन किया था। हूतियों के इस नए दुस्साहस से न केवल मध्य पूर्व, बल्कि वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति और ईंधन की कीमतों पर गंभीर संकट मंडराने लगा है।