IND vs WI 3rd ODI: भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली, लेकिन आखिरी मुकाबले में मिली 5 विकेट की हार ने टीम की कुछ कमजोरियां जरूर उजागर कर दीं। 351 रन का मजबूत स्कोर बनाने के बावजूद भारतीय टीम मैच को अपने पक्ष में नहीं रख सकी। मुकाबले के बाद कप्तान शुभमन गिल ने खास तौर पर खराब फील्डिंग और आखिरी ओवरों में गेंदबाजी को लेकर चिंता जाहिर की।गिल के मुताबिक टीम ने मैच का बड़ा हिस्सा नियंत्रण में रखा था, लेकिन डेथ ओवरों में कुछ गलतियों का फायदा वेस्टइंडीज ने उठाया। उन्होंने साफ कहा कि आगामी विश्व कप को देखते हुए टीम को इन कमियों पर जल्द काम करना होगा।
भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 351 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया था। वेस्टइंडीज को आखिरी चार ओवर में जीत के लिए 44 रन की जरूरत थी। भारतीय टीम के लिए स्थिति काफी मजबूत दिखाई दे रही थी, लेकिन धीमे ओवर रेट के कारण आखिरी चार ओवर में एक अतिरिक्त फील्डर को 30 गज के घेरे के अंदर रखना पड़ा। रात में मैदान पर ओस आने से गेंदबाजों के लिए मुश्किलें और बढ़ गईं। इसके बाद वेस्टइंडीज ने सिर्फ 14 गेंदों में जरूरी रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। गिल ने माना कि अगर आखिरी ओवरों में फील्डिंग की पाबंदी नहीं आती तो मुकाबला शायद अंतिम ओवर तक जाता।
गिल ने फील्डिंग को लेकर जताई चिंता
सीरीज में टीम के प्रदर्शन पर बात करते हुए गिल ने कहा कि कई मोर्चों पर टीम ने अच्छी प्रगति की है, लेकिन फील्डिंग अभी भी चिंता का विषय है। उनके मुताबिक भारतीय टीम ने पूरी सीरीज में करीब 6-7 कैच छोड़े। कप्तान ने स्पष्ट किया कि विश्व कप से पहले इस तरह की गलतियां टीम के लिए अच्छी खबर नहीं हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम की फील्डिंग का स्तर इससे काफी बेहतर होना चाहिए। गिल ने यह भी माना कि डेथ ओवरों में गेंदबाजी करते समय टीम को अपनी रणनीति को लेकर और स्पष्टता की जरूरत है। खासकर तब, जब लक्ष्य और विपक्षी टीम के स्कोर के बीच अंतर बहुत कम रह गया हो।
डेथ ओवरों में रणनीति पर करना होगा काम
गिल के मुताबिक डेथ ओवरों में कई बार टीम यह तय करने में उलझ जाती है कि उसे आक्रामक रवैया अपनाना है या स्कोर का बचाव करना है। अगर विपक्षी टीम कुछ रन पीछे हो, तो फील्ड सेट करने और गेंदबाजी की योजना को लेकर ज्यादा स्पष्टता जरूरी होती है। उन्होंने माना कि टीम को यह तय करना होगा कि डेथ ओवर शुरू करते समय किस तरह की फील्डिंग रखनी है और गेंदबाजों को किस योजना के साथ गेंदबाजी करनी है। कुलदीप यादव को गेंदबाजी में देर से लाने के सवाल पर कप्तान गिल ने बताया कि टीम के सामने थोड़ी अनिश्चितता थी। उन्हें यह पता नहीं था कि गुरनूर अपनी क्रैम्प्स की समस्या के बावजूद दोबारा गेंदबाजी कर पाएंगे या नहीं। गिल ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि मुकाबला आखिरी तक जाएगा और वह कुलदीप को अंत के ओवरों में इस्तेमाल करना चाहते थे, क्योंकि वह विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं।कुछ खिलाड़ियों के प्रदर्शन से कप्तान खुश
हार के बावजूद गिल ने सीरीज को पूरी तरह निराशाजनक नहीं माना। उन्होंने कहा कि टीम ने कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर काम किया और कुछ खिलाड़ियों ने मौके का अच्छा फायदा उठाया। नीतीश रेड्डी और नमन धीर के प्रदर्शन को उन्होंने सकारात्मक पहलू बताया। कप्तान के मुताबिक सीरीज से कई ऐसे क्षेत्र सामने आए हैं, जिन पर टीम विश्व कप से पहले और बेहतर तरीके से काम कर सकती है। गिल का संदेश साफ है कि सीरीज जीतना अच्छी बात है, लेकिन विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में छोटी-छोटी गलतियां भी भारी पड़ सकती हैं। इसलिए टीम को फील्डिंग और डेथ ओवरों की गेंदबाजी में जल्द सुधार करना होगा।

