India France Relations: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि बीते कुछ वर्षों में भारत और फ्रांस के रिश्तों ने नई ऊंचाइयां हासिल की हैं। दोनों देश राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के नेतृत्व में एक ऐसी वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत कर रहे हैं, जिसका असर कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है। पेरिस में स्वामीनारायण हिंदू मंदिर के उद्घाटन समारोह को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और फ्रांस तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रक्षा, अंतरिक्ष और जलवायु परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में नई ऊर्जा के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि दोनों देश इस वर्ष को भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष के रूप में मना रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी की खासियत बताते हुए कहा कि दोनों देशों के संबंध केवल राजनीतिक और आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं हैं। इनके पीछे लंबे समय से चले आ रहे सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंध भी हैं। उन्होंने प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान फ्रांस में भारतीय सैनिकों के योगदान और बलिदान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह इतिहास आज भी दोनों देशों की सामूहिक स्मृति का हिस्सा है।
संस्कृति और इतिहास ने रिश्तों को दी मजबूती
मोदी ने संस्कृत के अध्ययन और उसके प्रचार में फ्रांसीसी विद्वानों के योगदान को भी याद किया। उन्होंने कहा कि रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद पर फ्रांसीसी लेखक रोमेन रोलैंड के लेखन ने भारतीय और फ्रांसीसी समाज के बीच समझ को और गहरा किया। प्रधानमंत्री ने पेरिस से लेकर पुडुचेरी स्थित अरबिंदो आश्रम तक आध्यात्मिक जुड़ाव का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि माता जी की आध्यात्मिक यात्रा ने भारत और फ्रांस के अनेक साधकों को प्रभावित किया। इसी तरह श्रील प्रभुपाद स्वामी के फ्रांस आने और इस्कॉन के माध्यम से दोनों देशों के आध्यात्मिक संबंधों को नया विस्तार मिलने की बात भी उन्होंने कही।
योग से मंदिर तक, बढ़ी सांस्कृतिक नजदीकी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज योग भारत और फ्रांस के बीच आपसी जुड़ाव का एक प्रमुख माध्यम बन चुका है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के दौरान एफिल टावर के सामने योग करते लोगों की तस्वीरें फ्रांस में योग की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा कि अब पेरिस का भव्य बीएपीएस स्वामीनारायण मंदिर दोनों देशों के सांस्कृतिक रिश्तों में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ रहा है। मंदिर को भारत-फ्रांस सहयोग का उदाहरण बताते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच संयुक्त परियोजनाओं और साझी संभावनाओं को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। स्वामीनारायण मंदिर ने इस सहयोग को एक अलग और नया आयाम दिया है। उन्होंने बताया कि मंदिर के निर्माण में भारत की पारंपरिक शिल्पकला और फ्रांस की आधुनिक इंजीनियरिंग का मेल देखने को मिलता है। मंदिर में इस्तेमाल किए गए पत्थरों का एक बड़ा हिस्सा भारत में तराशा गया और इसके बाद फ्रांस में मंदिर के निर्माण में उनका इस्तेमाल किया गया। प्रधानमंत्री के मुताबिक, भारत की सदियों पुरानी शिल्प परंपरा और कारीगरों की प्रतिभा जब फ्रांस की आधुनिक तकनीक और इंजीनियरिंग से जुड़ी, तो एक अनूठी संरचना सामने आई।यूरोप के लिए आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र बनने की उम्मीद
प्रधानमंत्री मोदी ने उम्मीद जताई कि यह मंदिर आने वाली सदियों तक भारत और फ्रांस के बीच सहयोग, सांस्कृतिक जुड़ाव और साझा संभावनाओं का प्रतीक बना रहेगा। उन्होंने कहा कि स्वामीनारायण मंदिर हमेशा से भक्ति के साथ-साथ सेवा के केंद्र रहे हैं। उन्हें विश्वास है कि पेरिस स्थित यह मंदिर भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं के संदेश को पूरे यूरोप तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह मंदिर फ्रांस की सांस्कृतिक विविधता को और समृद्ध करेगा तथा भारत और फ्रांस के बीच पहले से मजबूत संबंधों को नई ऊर्जा देने का काम करेगा।

