आसमान में दहशत का माहौल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इंडिगो के इस विमान ने बुधवार को दोपहर 3:10 बजे पटना के लोकनायक जयप्रकाश नारायण हवाई अड्डे से लखनऊ के लिए उड़ान भरी थी। शेड्यूल के मुताबिक इसे शाम 4:20 बजे लखनऊ उतरना था। लखनऊ के हवाई क्षेत्र (एयरोस्पेस) के पास पहुंचते ही मौसम अचानक खराब हो गया। विमान अभी 17 हजार फीट की ऊंचाई पर ही था कि तेज कड़क के साथ बिजली सीधे प्लेन के अगले हिस्से से टकराई। जोरदार आवाज और झटके के कारण विमान के अंदर कुछ देर के लिए यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई।
पायलट ने दिखाई सूझ-बूझ, 4:05 बजे हुई सुरक्षित लैंडिंग
विमान को नुकसान पहुंचने के बावजूद पायलट ने अपना आपा नहीं खोया और स्थिति को तुरंत नियंत्रण में लिया। आपातकालीन स्थिति को देखते हुए पायलट ने तय समय से करीब 15 मिनट पहले, शाम 4:05 बजे ही विमान को लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतार लिया। ग्राउंड स्टाफ ने तुरंत सभी 104 यात्रियों को प्लेन से बाहर निकाला, जिसके बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली।अहमदाबाद जाने वाले यात्रियों के लिए मंगाना पड़ा दूसरा प्लेन
हादसे का शिकार हुआ यह विमान लखनऊ पहुंचने के बाद शाम 5:05 बजे अहमदाबाद के लिए रवाना होने वाला था। लेकिन आकाशीय बिजली की वजह से नोज के क्षतिग्रस्त होने और तकनीकी खराबी आ जाने के कारण इसे ग्राउंडेड कर दिया गया। एयरलाइंस प्रबंधन को आनन-फानन में यात्रियों के लिए दूसरे विमान की व्यवस्था करनी पड़ी। लगभग डेढ़ घंटे की देरी के बाद, शाम 6:22 बजे यात्रियों को दूसरे प्लेन से अहमदाबाद के लिए रवाना किया गया।
जून में भी सामने आई थी ऐसी ही घटना
इंडिगो के विमान पर बिजली गिरने की यह कोई पहली घटना नहीं है। इसी साल 19 जून 2026 को कोलकाता हवाई अड्डे पर खड़े इंडिगो के एक प्लेन पर भी आकाशीय बिजली गिरी थी। उस समय विमान में 141 यात्री और 6 क्रू मेंबर्स मौजूद थे। उस वक्त भी सभी को सुरक्षित बाहर निकालकर दूसरे विमान से त्रिपुरा की राजधानी अगरतला भेजा गया था।

