25 अक्टूबर से थमेंगे इंडिगो के पहिए
वर्तमान समय सारणी के अनुसार:
जबलपुर से इंदौर: सुबह 9:20 बजे उड़ान भरकर यह फ्लाइट 11:00 बजे इंदौर पहुंचती है (कुल समय: 1 घंटा 40 मिनट)।
इंदौर से जबलपुर: शाम 4:05 (16:05) बजे उड़ान भरकर शाम 5:35 बजे जबलपुर लैंड करती है।
यह सेवा 25 अक्टूबर 2026 से पूरी तरह बंद हो जाएगी, जिसके बाद दोनों शहरों के बीच का सीधा हवाई संपर्क टूट जाएगा।
ट्रेन और बस ही बचेंगे एकमात्र विकल्प
सीधी उड़ान बंद होने के बाद यात्रियों के पास केवल रेल और सड़क मार्ग का सहारा रह जाएगा।
रेल मार्ग: इंदौर और जबलपुर के बीच रेल दूरी लगभग 530 किलोमीटर है। मुख्य रूप से नर्मदा एक्सप्रेस और जबलपुर-इंदौर सुपरफास्ट एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें इस रूट पर चलती हैं, जो सफर पूरा करने में करीब 12 घंटे का समय लेती हैं।
सड़क मार्ग: दोनों शहरों के बीच सड़क की दूरी लगभग 500 किलोमीटर है। बस या निजी वाहन से यात्रा करने पर भी कम से कम 10 से 11 घंटे का समय लगना तय है।
प्रदेश में लगातार घट रही एयर कनेक्टिविटी
यह फैसला केवल दो शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य में घटते हवाई नेटवर्क की ओर भी इशारा करता है। इंदौर प्रदेश का अकेला ऐसा एविएशन हब था, जहां से ग्वालियर, रीवा और जबलपुर के लिए सीधी उड़ानें उपलब्ध थीं।
ग्वालियर की सीधी उड़ान पहले ही बंद हो चुकी है।
जबलपुर की सर्विस भी अब 25 अक्टूबर से खत्म हो रही है।
इसके बाद इंदौर से केवल रीवा के लिए ही सीधी हवाई सेवा चालू रहेगी।
राजधानी भोपाल की बात करें तो वहां से भी बेहद सीमित शहरों के लिए ही सीधी उड़ानें संचालित हो रही हैं। ऐसे में एयर कनेक्टिविटी का दायरा सिमटने से प्रदेश के व्यापार, पर्यटन और आम यात्रियों की आवाजाही पर प्रतिकूल असर पड़ना तय माना जा रहा है।