Investment Fraud: शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड, SIP और फिक्स्ड डिपॉजिट में अच्छा रिटर्न दिलाने का भरोसा देकर निवेशकों से 2 करोड़ 34 लाख रुपए जुटाने और फिर रकम वापस नहीं करने का मामला सामने आया है। रायपुर में निजी कंपनी चलाने वाले एक दंपती पर निवेश के नाम पर लोगों से पैसे लेने के बाद गायब होने का आरोप लगा है। शिकायत के आधार पर डीडीनगर पुलिस ने अमित कुमार और उसकी पत्नी कल्याणी दुबे के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(2) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया है। फिलहाल उनकी तलाश की जा रही है। पुलिस निवेशकों से मिली रकम, बैंक खातों में हुए लेनदेन और मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
निवेश पर बेहतर रिटर्न का दिया था भरोसा
सरोना स्थित वॉलफोर्ट एलेंसिया निवासी एन. हुसैन ने अपनी शिकायत में बताया कि अमित कुमार और कल्याणी दुबे पहले मोवा इलाके में रहते थे। दोनों ने खुद को जेडएनसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड का संचालक बताकर लोगों को निवेश पर बेहतर मुनाफा दिलाने का भरोसा दिया था। निवेशकों का विश्वास जीतने के लिए शिकायतकर्ता महिला को भी कंपनी के दस्तावेजों में निदेशक बनाया गया था। आरोपियों ने महिला के सेवानिवृत्त पेंशनभोगी ससुर का सरोना स्थित मकान किराए पर लिया था। इसी दौरान परिवार के सदस्यों और परिचितों को निवेश के लिए तैयार किया गया।
मकान गिरवी रखकर लगाए 1.20 करोड़ रुपए
शिकायत के मुताबिक, अधिक रिटर्न मिलने की उम्मीद में महिला ने अपना और अपने ससुर का मकान गिरवी रख दिया। इसके अलावा व्यक्तिगत ऋण लेकर करीब 1 करोड़ 20 लाख रुपए निवेश किए। आरोप है कि दंपती ने महिला की ननद, ससुर और कांकेर, जगदलपुर तथा दुर्ग में रहने वाले रिश्तेदारों व परिचितों को भी निवेश के लिए राजी किया। शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में पैसा लगाने के नाम पर अलग-अलग लोगों से कुल 2 करोड़ 34 लाख रुपए जुटाए जाने की बात शिकायत में कही गई है।कंपनी के खाते से निजी खाते में ट्रांसफर होती थी रकम
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि निवेशकों से कंपनी के बैंक खाते में जमा कराई गई रकम कल्याणी दुबे अपने पति अमित कुमार के व्यक्तिगत बैंक खाते में स्थानांतरित करती थी। इसके बाद अमित कुमार इन पैसों का इस्तेमाल अपने नाम पर कानूनी समझौते करने और पंजाब नेशनल बैंक समेत अन्य बैंकों में फिक्स्ड डिपॉजिट खाते खुलवाने के लिए करता था। पुलिस अब बैंक खातों के लेनदेन और निवेशकों की रकम कहां-कहां इस्तेमाल हुई, इसकी पड़ताल कर रही है।
रिटर्न मिलना बंद हुआ तो हुआ संदेह
शुरुआत में निवेश पर रिटर्न मिलने के कारण लोगों का भरोसा बना रहा। लेकिन बाद में जब भुगतान बंद हो गया, तो निवेशकों को रकम के इस्तेमाल को लेकर संदेह होने लगा। शिकायतकर्ता महिला ने कंपनी के निदेशक पद से अपना नाम हटाने और निवेश की रकम वापस करने के लिए आरोपियों पर दबाव बनाया। आरोप है कि इस दौरान दोनों लगातार टालमटोल करते रहे। 7 जुलाई 2026 को हिसाब करने और पैसे लौटाने का आश्वासन देने के बाद दोनों घर में ताला लगाकर गायब हो गए।झारखंड और बिहार से भी जुड़े बताए जा रहे संबंध
पुलिस के अनुसार, आरोपी करीब दो साल से रायपुर में पति-पत्नी के रूप में रह रहे थे। उनके झारखंड और बिहार से भी संबंध होने की जानकारी सामने आई है। आरोपियों के कुछ रिश्तेदार भी रायपुर में रहते हैं। फिलहाल पुलिस दोनों की तलाश कर रही है। मामले में कितने लोगों ने निवेश किया, कुल कितनी रकम का लेनदेन हुआ और क्या अन्य लोग भी इस ठगी से प्रभावित हुए हैं, इन सभी पहलुओं की जांच जारी है। मामले में आरोपों की पुष्टि जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।







