Drug Disposa: बिलासपुर जिले में अवैध नशे के कारोबार पर नकेल कसने के बाद पुलिस ने जब्त किए गए मादक पदार्थों के सुरक्षित निपटारे की प्रक्रिया पूरी कर ली है। विभिन्न मामलों में बरामद करोड़ों रुपए मूल्य के नशीले पदार्थों को गुरुवार सुबह पूरी कानूनी प्रक्रिया के तहत नष्ट कर दिया गया। पुलिस की इस कार्रवाई से यह साफ संदेश दिया गया है कि जब्त नशे का दुरुपयोग किसी भी सूरत में संभव नहीं होगा।
बायो पावर प्लांट की भट्टी में स्वाहा हुआ नशीला पदार्थ
यह पूरी कार्रवाई मोहतराई स्थित सुधा बायो पावर प्राइवेट लिमिटेड में अंजाम दी गई। पुलिस ने जिले के अलग-अलग थानों में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज 61 मामलों में जब्त 3 क्विंटल से अधिक गांजे को संयंत्र की फर्नेस (भट्टी) में डालकर पूरी तरह जला दिया। इसके साथ ही, सिरप, टैबलेट और इंजेक्शन जैसे मेडिकल नशे की भारी खेप पर रोलर चलाकर उसे मिट्टी में मिला दिया गया।
इन मादक पदार्थों का किया गया निपटारा
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, नष्ट की गई खेप में शामिल थे:
गांजा: 302.642 किलोग्राम
चरस: 9.38 ग्राम
ब्राउन शुगर: 2.9 ग्राम
नशीली गोलियां: 11,610 नग
नशीले इंजेक्शन: 9,641 नग
कफ सिरप: 1,989 शीशियां
कैप्सूल: 248 नग
कड़ी सुरक्षा और अधिकारियों की मौजूदगी में कार्रवाई
छत्तीसगढ़ शासन के दिशा-निर्देशों के तहत गठित 'जिला स्तरीय ड्रग डिस्पोजल समिति' के अध्यक्ष एवं एसएसपी रजनेश सिंह की सीधी देखरेख में यह पूरी प्रक्रिया संपन्न हुई। मौके पर एएसपी (सिटी) पंकज कुमार पटेल, सहायक आबकारी आयुक्त नवनीत तिवारी और क्षेत्रीय पर्यावरण अधिकारी भी उपस्थित रहे, ताकि पर्यावरण नियमों और कानूनी मानकों का पूरा पालन सुनिश्चित किया जा सके। मामले की जानकारी देते हुए एसएसपी रजनेश सिंह ने स्पष्ट किया कि नशीली सामग्री के दोबारा किसी भी गलत हाथ में जाने की गुंजाइश को खत्म करने के लिए यह वैज्ञानिक और कानूनी निस्तारण जरूरी था। उन्होंने चेतावनी दी कि जिले में अवैध नशे के नेटवर्क को जड़ से उखाड़ने के लिए पुलिस की यह सख्ती आगे भी इसी तरह जारी रहेगी।






