Ishar Gawra Vivah Mahotsav: सजेगा ईशर-गवरा विवाह महोत्सव, 9 नवंबर तक होंगे पारंपरिक आयोजन
Ishar Gawra Vivah Mahotsav: महासमुंद के अयोध्या नगर स्थित शिव मंदिर के पास शंभु ईशर-गवरा विवाह महोत्सव 2026 का आयोजन किया जा रहा है। 5 से 9 नवंबर तक चलने वाले इस महोत्सव में फूल कुचरनी, मिट्टी लाने की रस्म, बारात, कलश यात्रा और पारंपरिक विवाह समारोह आयोजित होंगे। ईशर-गवरा पूजा उत्सव समिति ने श्रद्धालुओं से सपरिवार शामिल होने और एक-एक गवरा कलश लाने की अपील की है।
Ishar Gawra Vivah Mahotsav: महासमुंद के अयोध्या नगर में इस दीपावली के पावन अवसर पर आस्था, संस्कृति और पारंपरिक उल्लास का एक अनूठा संगम देखने को मिलने वाला है। वार्ड नंबर 03 स्थित
शिव मंदिर के पास इस वर्ष शंभु ईशर-गवरा विवाह महोत्सव 2026 का भव्य आयोजन किया जा रहा है, जिसे लेकर स्थानीय निवासियों और शिव भक्तों में गजब का उत्साह है। यह आयोजन सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और पारंपरिक लोकाचार को जीवंत करने का एक सुंदर माध्यम है, जिसमें समाज के हर वर्ग की सहभागिता नजर आ रही है।
चार दिनों तक गूंजेंगे पारंपरिक गीत और उत्सव
इस पांच दिवसीय महोत्सव की शुरुआत हो चुकी है और इसके अंतर्गत कई पारंपरिक रस्में पूरी निष्ठा के साथ निभाई जा रही हैं:
05 नवंबर 2026 (गुरुवार): महोत्सव का शुभारंभ 'फूल कुचरनी' की पारंपरिक रस्म के साथ हुआ।
08 नवंबर 2026 (रविवार - प्रातः 10:00 बजे): महामाया तालाब से ईशर-गवरा के सृजन के लिए पवित्र मिट्टी लाई जाएगी।
08 नवंबर 2026 (रविवार - रात्रि 09:00 बजे): कमलेश ध्रुव के निवास से भव्य बारात और कलश यात्रा निकलेगी, जो पूरे इलाके में आकर्षण का केंद्र होगी।
09 नवंबर 2026 (सोमवार - प्रातः 07:00 बजे): विधि-विधान से विवाह संपन्न होने के बाद विसर्जन और गंगा स्नान के साथ अनुष्ठान का समापन होगा।
बारात, स्वागत और पावन विवाह की अनूठी परंपरा
महोत्सव के मुख्य दिन यानी विवाह समारोह के दौरान एक बेहद सुंदर और आत्मीय परंपरा देखने को मिलेगी। ईशर-राजा की बारात कमलेश शोरी के निज निवास से प्रस्थान करेगी। इसके पश्चात, मनराखन नेताम के निवास पर बारात का स्वागत किया जाएगा, जहाँ गवरामाता के साथ उनका विवाह संपन्न होगा और अंत में यह रस्म ईशर-गवरा चबूतरे पर पूरी की जाएगी।
समिति की विशेष अपील
ईशर-गवरा पूजा उत्सव समिति, अयोध्या नगर, महासमुंद की ओर से क्षेत्र के सभी धर्मप्रेमियों से सपरिवार इस अनुष्ठान में शामिल होने का आग्रह किया गया है। समिति की ओर से सभी परिवारों से यह विशेष अपेक्षा और निवेदन किया गया है कि वे कार्यक्रम में आते समय अपने साथ 1-1 गवरा कलश जरूर लेकर आएं, जिससे इस आयोजन की भव्यता और दिव्यता में और अधिक वृद्धि हो सके।