Jabalpur Cyber Fraud: फर्जी ईमेल से सेनेटरी व्यापारी को 27 लाख की ठगी
Jabalpur Cyber Fraud: फर्जी ईमेल के जरिए सेनेटरी वेयर्स फर्म का बैंक अकाउंट बदलने का झांसा देकर 27.05 लाख रुपए की ठगी कर ली। गोरखपुर पुलिस ने FIR दर्ज कर बैंक खाते, ईमेल आईडी और आईपी एड्रेस के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
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कीर्तिमान डेस्क | सती दीवान
05 Sep 2026, 01:54 PM
मध्यप्रदेश
Jabalpur Cyber Fraud: साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। गोरखपुर थाना क्षेत्र में सेनेटरी वेयर्स का कारोबार करने वाली एक प्रतिष्ठित फर्म को साइबर जालसाजों ने फर्जी ईमेल के जरिए अपना शिकार बनाया। ठगों ने कंपनी का बैंक अकाउंट बदलने का झांसा देकर व्यापारी से 27 लाख 5 हजार 690 रुपए दूसरे बैंक खाते में ट्रांसफर करा लिए। फर्जी ईमेल भेजकर बदला बैंक खाता जानकारी के मुताबिक, साइबर ठगों ने पीड़ित व्यापारी को एक ऐसा ईमेल भेजा, जो देखने में कंपनी के आधिकारिक ईमेल जैसा ही नजर आ रहा था।
फर्जी ईमेल से 27 लाख की ठगी
ईमेल में कंपनी का बैंक अकाउंट बदलने की जानकारी दी गई और आगे का भुगतान नए बैंक खाते में करने के लिए कहा गया। ईमेल को असली और आधिकारिक मानकर व्यापारी ने बिना दोबारा पुष्टि किए बताए गए बैंक खाते में 27,05,690 रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। रकम ट्रांसफर होने के बाद ठगों ने अपना मोबाइल और ईमेल संपर्क बंद कर दिया। असली कंपनी से संपर्क करने पर खुला ठगी का राज रकम भेजने के कुछ समय बाद जब व्यापारी ने संबंधित कंपनी से संपर्क किया तो पूरे मामले का खुलासा हुआ।
गोरखपुर थाना, जबलपुर में साइबर ठगी मामले की जांच जारी।फर्जी ईमेल से खुला साइबर फ्रॉड
कंपनी की ओर से बैंक अकाउंट बदलने को लेकर ऐसा कोई ईमेल भेजे जाने से इनकार किया गया। इसके बाद व्यापारी को समझ आया कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुका है। आरोपियों ने फर्जी ईमेल आईडी तैयार कर असली कंपनी के नाम और जानकारी का इस्तेमाल किया था, जिससे व्यापारी को ईमेल पर संदेह नहीं हुआ। गोरखपुर थाने में FIR, साइबर सेल जांच में जुटी ठगी का पता चलते ही पीड़ित व्यापारी ने गोरखपुर थाने पहुंचकर पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी और लिखित शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस जांच में जुटी, कारोबारियों को चेतावनी
पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साइबर सेल की टीम अब जिस बैंक खाते में रकम ट्रांसफर हुई है, उसकी जानकारी जुटा रही है। इसके साथ ही फर्जी ईमेल आईडी, आईपी एड्रेस और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन से जुड़े तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि बैंकिंग ट्रेल और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचा जा सकेगा।
कारोबारियों के लिए भी बड़ी चेतावनी यह मामला कारोबारियों के लिए भी एक अहम चेतावनी है। किसी कंपनी या कारोबारी के बैंक अकाउंट में बदलाव की सूचना ईमेल से मिलने पर सीधे भुगतान करने के बजाय संबंधित व्यक्ति से फोन या अन्य आधिकारिक माध्यम से पुष्टि करना जरूरी है। छोटी सी लापरवाही लाखों रुपए के नुकसान का कारण बन सकती है।