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कोरबा-कटघोरा मार्ग पर 4 घंटे लगा रहा जाम, एकलव्य विद्यालय के बच्चों ने फिर किया प्रदर्शन, कलेक्टर को बुलाने की मांग पर अड़े
छुरी स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय के करीब 420 विद्यार्थियों ने खराब भोजन, अशुद्ध पेयजल, गंदगी और छात्रावास की अव्यवस्थाओं को लेकर कोरबा-कटघोरा मार्ग पर चक्काजाम किया। करीब चार घंटे चले प्रदर्शन के बाद एसडीएम ने एक सप्ताह के भीतर प्राचार्य और छात्रावास अधीक्षक पर कार्रवाई का लिखित आश्वासन दिया, जिसके बाद विद्यार्थी सड़क से हटे।
मूलभूत सुविधाओं की बदहाली और अधिकारियों की अनदेखी से तंग आकर छुरी स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय के छात्र-छात्राओं का गुस्सा एक बार फिर फूट पड़ा। गुरुवार सुबह करीब 7 बजे सैकड़ों विद्यार्थियों ने कोरबा-कटघोरा मुख्य मार्ग पर उतरकर चक्काजाम कर दिया। बीते एक महीने के भीतर यह तीसरा मौका है जब इन बच्चों को अपनी वाजिब मांगों के लिए सड़क पर उतरने को मजबूर होना पड़ा। छात्रावास में रहने वाले कक्षा 6वीं से 12वीं तक के लगभग 420 विद्यार्थियों का आरोप है कि उन्हें लंबे समय से घटिया खाना, पीने के अशुद्ध पानी और गंदगी के बीच रहने को मजबूर किया जा रहा है।
कलेक्टर से बात करने की मांग
बच्चों का कहना था कि वे कई बार शिकायतें कर चुके हैं, लेकिन हर बार बात हवा में उड़ा दी जाती है। इसी नाराजगी के चलते इस बार बच्चों ने साफ कह दिया कि विद्यालय समिति के अध्यक्ष यानी कलेक्टर स्वयं मौके पर आएं और उनकी तकलीफें सुनें, वे किसी अन्य अधिकारी की बात नहीं मानेंगे।
बदहाली की दास्तान: बच्चों की ज़बानी
थाली में बेस्वाद और घटिया भोजन: छात्रों का आरोप है कि हॉस्टल में मिलने वाले खाने का मेस स्टैंडर्ड बहुत खराब है। शिकायत करने पर भी कोई सुधार नहीं होता।
पेयजल संकट और गंदगी: परिसर और कमरों में नियमित सफाई नहीं होती। पीने के लिए साफ पानी तक मय्यसर नहीं है।
अधीक्षक का अड़ियल रवैया: बच्चों ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि जब भी वे अपनी समस्याएं लेकर छात्रावास अधीक्षक के पास जाते हैं, तो समाधान करने के बजाय उनके साथ बदसलूकी की जाती है।
4 घंटे ठप रहा यातायात, यात्री परेशान
सड़क के बीचों-बीच बच्चों के बैठने से कोरबा-कटघोरा मार्ग पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। सुबह के वक्त हुए इस प्रदर्शन के कारण दफ्तर जाने वाले लोगों, मरीजों, स्कूली बच्चों और बस यात्रियों को भारी फजीहत झेलनी पड़ी। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस और प्रशासनिक टीम मौके पर डटी रही, लेकिन बच्चे अपनी मांग पर अड़े रहे। हंगामा बढ़ता देख प्रशासनिक अधिकारियों ने मोर्चा संभाला।
लिखित आश्वासन के बाद शांत हुए छात्र
सुबह 11 बजे एसडीएम तुलाराम भारद्वाज ने मौके पर पहुंचकर बच्चों को समझाना शुरू किया। एसडीएम द्वारा 1 सप्ताह के भीतर प्राचार्य और छात्रावास अधीक्षक पर कार्रवाई का लिखित आश्वासन दिए जाने के बाद ही छात्र शांत हुए और सड़क से हटे। इसके बाद कहीं जाकर यातायात सामान्य हो सका। गौरतलब है कि इससे पहले भी बच्चे कटघोरा विधायक की गाड़ी के सामने बैठकर अपनी बात रख चुके हैं। ठोस कदम नहीं उठाने से सड़क पर आए बच्चे
बीते 2 अगस्त को भी चक्काजाम किया गया था, जिसके बाद कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश पर सहायक आयुक्त (आदिवासी विकास) श्रीकांत कसेर ने मामले की जांच की थी। जांच रिपोर्ट बनने के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिसने बच्चों को तीसरी बार सड़क पर उतरने के लिए मजबूर कर दिया।