सावन के दूसरे सोमवार को शिवरीनारायण के तेंदुआ धाम स्थित राम मिलेंगे आश्रम में धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत हुई। इस अवसर पर सवा लाख पार्थिव शिवलिंगों के पूजन और भगवान भोलेनाथ की विशेष आराधना का आयोजन किया जा रहा है।
धार्मिक परंपराओं में जुड़ने का संकल्प दिलाया
आयोजन के दौरान आयोजकों ने करीब 500 मतांतरित लोगों के सनातन धर्म में ‘घर वापसी’ का दावा किया। कार्यक्रम में धार्मिक परंपराओं और विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की गई। ‘घर वापसी’ कार्यक्रम में प्रबल प्रताप सिंह जूदेव और सामाजिक कार्यकर्ता अंजू गबेल प्रमुख रूप से शामिल हुए। दोनों ने कार्यक्रम में शामिल लोगों के पैर धोकर उन्हें सनातन धर्म की परंपराओं और संस्कारों से दोबारा जुड़ने का संकल्प दिलाया।
धार्मिक और सनातन परंपराओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना
आयोजकों के मुताबिक, इस आयोजन का उद्देश्य धार्मिक आस्था और सनातन परंपराओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, ग्रामीण और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने कहा कि करीब 500 लोगों के चरण पखारकर उन्हें सनातन संस्कारों, परंपराओं और पूर्वजों की आध्यात्मिक विरासत से जोड़ने का अवसर मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है।धर्म चेतना के प्रसार का संदेश देना
यह कार्यक्रम केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण और धर्म चेतना के प्रसार का संदेश भी देता है। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति की जड़ें गहरी हैं और धार्मिक परंपराओं के संरक्षण के लिए समाज में जागरूकता जरूरी है। उन्होंने भगवान महादेव की आराधना और धार्मिक मूल्यों के पालन को सामाजिक सकारात्मकता से भी जोड़ा।
लोगों ने भगवान शिव की पूजा-अर्चना में भाग लिया
सावन के महीने में आयोजित सवा लाख पार्थिव शिवलिंग पूजन को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह नजर आया। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान लोगों ने भगवान शिव की पूजा-अर्चना में भाग लिया। आश्रम परिसर में लगातार धार्मिक गतिविधियां चलती रहीं और भोलेनाथ के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।धार्मिक आयोजन में जुटे श्रद्धालु
कार्यक्रम में राम मिलेंगे आश्रम के संस्थापक डॉ. अशोक हरिवंश, अंजू गबेल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और ग्रामीणजन उपस्थित रहे।